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स्वागत में रहे अफसर, स्कूली बच्चे रहे भूखे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो,सहपऊ (हाथरस)।
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:37 PM IST
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सहपऊ के एमएल इंटर काॅलेज में एबीआरसी प्रधानाचार्य से मिडडे मील की जानकारी करते अधिकारी।
- फोटो : Amar Ujala
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हाथरस शहर में मुख्यमंत्री के आगमन के कारण जिले के अधिकारी मुख्यमंत्री के स्वागत में लगे रहे। कस्बे के तीन जिला परिषदीय विद्यालय एवं दो वित्तपोषित इंटर कालेजों में कक्षा आठ तक बच्चों को मिड डे मील ही नहीं मिला, जिससे बच्चे भूखे रहे।
सोमवार को कस्बे के वार्ड संख्या 10 में एनजीओ की गाड़ी दोपहर का खाना लेकर नहीं पहुंची। बच्चे खाने का इंतजार करते रहे। वार्ड नंबर दस में खाना न पहुंचने पर वहां के इंचार्ज सत्यवीर सिंह ने रिपोर्ट ऑनलाइन लखनऊ को भेज दी है। बीईओ बीएन देवपुरिया एवं बीएसए हरिचंद्र से इस मामले के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने इससे अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी एवं दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी ।
डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य के आदेश पर खाने की गुणवत्ता की जांच के लिए सादाबाद बीआरसी से एबीआरसी को ज्योति वार्ष्णेय ने स्कूलों को निरीक्षण किया और एनजीओ द्वारा िदए जा रहे खाने की गुणवत्ता की भी जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि एनजीओ द्वारा बच्चों का िखलाए जा रहे खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
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सोमवार को कस्बे के वार्ड संख्या 10 में एनजीओ की गाड़ी दोपहर का खाना लेकर नहीं पहुंची। बच्चे खाने का इंतजार करते रहे। वार्ड नंबर दस में खाना न पहुंचने पर वहां के इंचार्ज सत्यवीर सिंह ने रिपोर्ट ऑनलाइन लखनऊ को भेज दी है। बीईओ बीएन देवपुरिया एवं बीएसए हरिचंद्र से इस मामले के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने इससे अनभिज्ञता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी एवं दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी ।
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डीएम डॉ. रमाशंकर मौर्य के आदेश पर खाने की गुणवत्ता की जांच के लिए सादाबाद बीआरसी से एबीआरसी को ज्योति वार्ष्णेय ने स्कूलों को निरीक्षण किया और एनजीओ द्वारा िदए जा रहे खाने की गुणवत्ता की भी जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि एनजीओ द्वारा बच्चों का िखलाए जा रहे खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
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