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Hathras News: घरों में घुसा पानी, छतों पर रह रहे लोग....ब्रेड खाकर कट रहे दिन-रात

Sat, 06 Sep 2025 02:57 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 06 Sep 2025 02:57 AM IST
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Water entered the houses, people living on the roofs....day and night are passing by eating bread
गांव महाराजगढ़ में घरों में घुसे यमुना के पानी के बाद नाव में सामान रखकर गांव से बाहर आते लोग। - फोटो : samvad
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित है महाराजगढ़ गांव। इस गांव की आबादी 2000 के करीब है। गांव के भीतर जाने के लिए भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा। हर रास्ते पर पानी भरा है। जब हम गांव में पहुंचे तो यहां मकान की छतों पर महिलाएं और बच्चे थे। कुछ बुजुर्ग चौपाल तक पहुंचे पानी में ही चारपाई डालकर बैठे थे। पूछने पर सुखवीर कहने लगे, कहां जाएं। आसान नहीं है घर छोड़ना। हम इंतजार कर रहे हैं कि पानी कम हो जाए। देवराज ने बताया कि सब कुछ डूब गया है। रसोई तक पानी में डूबी है। अब तो ब्रेड खाकर ही गुजारा कर रहे हैं।
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पेशे से किसान मुन्नालाल अपने परिवार के साथ बृहस्पतिवार की शाम को मकान की छत पर आ गए थे। जब हमने उनसे हालात के बारे में पूछा तो कहने लगे कि अब तो कुछ बचा ही नहीं है। जाने कितने दिन पानी के बीच में रहना होगा। रात को जब पानी की लहरें आवाज करती हैं तो डर सा बना रहता है। मुन्नालाल की पत्नी रेशमा ने कहा कि ब्रेड खाकर गुजारा कर रहे हैं। या फिर चावल पका लेते हैं। बच्चों के साथ मकान की छत पर मौजूद बबीता ने बताया कि अब तो ब्रेड ही चल रही है। घर में तो पानी घुस गया है। छत पर चूल्हा जलाकर खिचड़ी बना लेते हैं। जब हर तरफ पानी ही पानी दिख रहा हो तो कहां भला खाने की इच्छा होती है। इस गांव का स्कूल भी पानी में डूब चुका है। कब हालात सामान्य होंगे किसी को नहीं पता।
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शेरपुर गांव में भी पानी पहुंच गया है। यहां के लोगों को भी प्रशासन सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहा है। शुक्रवार का सारा दिन नावों का संचालन होता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नावों में कम लोग ही बैठ पाते हैं। या तो नावों की संख्या बढ़ाई जाए या फिर अधिक क्षमता वाली नाव चलाई जाएं। इस गांव के प्रेमपाल सिंह ने बताया कि हम गांव से बाहर जाना चाह रहे हैं लेकिन इतने संसाधन यहां नहीं हैं। नवाब सिंह बोले, गांव के कुछ लोगों को टप्पल में अनाज मंडी में शिफ्ट कर दिया गया है। जो लोग रह रहे हैं उन्हें भी कहा जा रहा है। खेम सिंह का कहना था कि गांव में इस समय खाने के सामान की दिक्कत हो रही है। पहले तो गांव की दुकानों से सामान की खरीदी कर लिया करते थे लेकिन अब दुकानें ही बंद हैं।
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यमुना के पानी से घिरे हैं यह गांव

ऊंचासानी, मिर्जापुर, पखौंदना, धारा की गढ़ी, नगला रामस्वरूप, नगला अमर सिंह, घरबरा, रामगढ़ी, लालपुर और नगला चंडी गांव हैं।

यमुना का जलस्तर कम होना शुरू हो गया

एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रमोद कुमार का कहना है कि यमुना का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। वहीं बचाव कार्य तेजी के साथ किए जा रहे हैं। लोगों को रोजमर्रा की चीजों की कोई कमी न हो इसका ख्याल रखा जा रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट भी किया जा रहा है।
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