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Hathras News: कचरा प्रबंधन केंद्र बदहाल, रास्तों पर सड़ रहा कूड़ा

Wed, 08 Apr 2026 03:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Wed, 08 Apr 2026 03:08 AM IST
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Waste Management Center in Shambles; Garbage Rotting on the Streets
गांव लढ़ौता में बना कचरा प्रबंधन केंद्र। संवाद - फोटो : Samvad
ग्रामीण क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाने और कूड़े से खाद तैयार करने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। तहसील सासनी क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की लागत से बने कचरा प्रबंधन केंद्र (आरआरसी) दुर्दशा के शिकार हैं। रखरखाव के अभाव में ये भवन जर्जर हो रहे हैं, जबकि गांवों का कचरा आज भी सड़कों पर ही सड़ रहा है।
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निर्माण के बाद सचिवों ने इन केंद्रों की सुध नहीं ली। उपजिलाधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर सभी केंद्रों की जांच कराई जाएगी। जो भी कचरा प्रबंधन केंद्र बंद पड़े हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से चालू कराया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
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ग्राम लढ़ौता में शोपीस बना लाखों का भवन
लढ़ौता में बना कचरा प्रबंधन केंद्र भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। सरकार ने यहां लाखों रुपये खर्च कर भवन तो खड़ा कर दिया, लेकिन आज तक ग्रामीणों के घर का एक दिन का कचरा भी यहां नहीं पहुंचा। भवन की दीवारें अब जर्जर होने लगी हैं।
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ग्राम बरसै में सड़क पर गंदगी, केंद्र पर ताला

गांव बरसै की स्थिति और भी नारकीय है। यहां कचरा प्रबंधन केंद्र तो बना है, लेकिन वह पूरी तरह बंद पड़ा है। सारा कूड़ा मुख्य सड़कों पर फैला रहता है, जिसकी बदबू से राहगीरों का निकलना भी दूभर है। तेज हवा चलने पर यही कूड़ा उड़कर लोगों के घरों के भीतर तक पहुंच रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। केंद्र में आज तक कचरा नहीं पहुंचा है।





ग्राम समामई रूहल में केंद्र बना तबेला
गांव समामई रूहल में जिस केंद्र को कचरा निस्तारण के लिए बनाया गया था, वहां अब स्थानीय लोगों द्वारा उपले पाथे जा रहे हैं और पशु बांधे जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह केंद्र अब पूरी तरह से ''''पशु आश्रय'''' बनकर रह गया है।





हमारे गांव में कचरा प्रबंधन केंद्र को बने हुए तीन साल हो गए, लेकिन आज तक इसका उपयोग नहीं हुआ। कूड़ा सड़कों पर बिखरा रहता है, जिससे गंदगी फैलती है। अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।


-संजय निवासी बरसै





लाखों की लागत से बना यह केंद्र अब सिर्फ एक दिखावटी बनकर रह गया है। इसकी हालत जर्जर हो चुकी है। सरकार को चाहिए कि इसे जल्द शुरू कराए, ताकि गांव में खाद बन सके और सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो।
-प्रमोद निवासी लढ़ौता।
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