Hathras: दस हजार लोगों को राशन कार्ड बनने का इंतजार, सरकारी दफ्तरों के लगा रहे चक्कर, नहीं सुन रहा कोई
हाथरस में राशन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कोई भी नहीं सुनता है।
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हाथरस जिले के 10 हजार लोगों के राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। ये आवेदक राशन कार्ड बनवाने और राशन प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक शहरी क्षेत्र में 65 और देहात में 75 फीसदी लोगों को सरकारी खाद्यान्न से लाभान्वित किया जा सकता है। वर्ष 2011 की जनगणना में जिले की आबादी करीब 15.64 लाख थी। इसके अनुसार करीब 11 लाख यूनिट को सरकारी खाद्यान्न मिल रहा है। मार्च 2024 तक जिले की अनुमानित आबादी करीब 18 लाख हो चुकी है। ऐसे में जिले के करीब 10 हजार आवेदकों को राशन मिलना तो दूर की बात, उनका राशन कार्ड तक नहीं बन रहा है। नए आवेदक राशन कार्ड बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहरी क्षेत्र में 65 और ग्रामीण क्षेत्र में 75 फीसदी लोगों को खाद्यान्न मुहैया कराया जा रहा है। सभी पात्रों को खाद्यान्न देने का प्रयास जारी है।-ध्रुवराज यादव, डीएसओ।
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अपात्रों के हटने के बाद ही नए को मिलता है लाभ
हाथरस पूर्ति विभाग की ओर से आयकर दाता, मृतक व अपात्रों का सत्यापन समय-समय पर कराया जाता है। इस सत्यापन में अब तक करीब छह हजार लोगों को सूची से निकाला जा चुका है। अपात्रों को सूची से निकाले जाने के बाद ही पात्र आवेदकों को लाभ मिल पाता है। इस कारण से छह हजार लोगों के राशन कार्ड बने, लेकिन 10 हजार लोगों का इंतजार अब तक जारी है।
हाथरस में राशन कार्ड
- जिले में कार्डधारक - 2.91 लाख
- यूनिट- 11 लाख
- 2011 की जनगणना के अनुसार आबादी - 15.64 लाख
- मार्च 2024 तक अनुमानित आबादी - 18 लाख