{"_id":"5e2893798ebc3e4af66cdc08","slug":"unemployment-rate-increses-after-kaushal-vikas-prashikhsan-hathras-news-ali2247612156","type":"story","status":"publish","title_hn":"कौशल परीक्षण लेने के बाद भी बेरोजगार रह गए युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कौशल परीक्षण लेने के बाद भी बेरोजगार रह गए युवा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत दिए गए प्रशिक्षण बेरोजगारों के लिए कारगर साबित नहीं हो पाए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मात्र 22.61 फीसदी बेरोजगारों को ही इस प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिल सका है। इन आंकड़ों ने मिशन के तहत दिए जाने वाले प्रशिक्षणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मिशन के अधिकारी नए सत्र में प्रशिक्षण केंद्रों को मिलने वाले लक्ष्यों के आंकड़े जुटाने में लगे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत बेरोजगारों युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए तमाम तरीके व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में शासन की ओर से इनके लिए जिले में कई संस्थाओं को नामित भी किया गया था। इन संस्थाओं के माध्यम से जिले भर विभिन्न प्रशिक्षणों के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले गए। इन प्रशिक्षण केंद्रों में जिले के 3869 बेरोजगार युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण दिए जाने की हकीकत रोजगार मिलने पर सामने आई। विभागों की ओर से रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इन रोजगार मेलों में कई कंपनियों ने प्रतिभाग किया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इन युवाओं को मिले प्रशिक्षण के सापेक्ष उनके साक्षात्कार किए। इन प्रशिक्षणार्थियों में से 3869 के सापेक्ष 875 युवाओं का ही कंपनी के प्रतिनिधियों ने चयन किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार महज 22.61 फीसदी बेरोजगारों को ही रोजगार मिल सका। अब विभागीय अधिकारी कम फीसदी में रोजगार मिलने को लेकर चिंतित हैं। अगले वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षण केंद्रों पर विशेष निगरानी की जाएगी। सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि पिछले कई वर्षों की तुलना में रोजगार दिए जाने के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशिक्षण केंद्रों पर बेरोजगारों को सही ढ़ंग से प्रशिक्षण दिए जाने को लेकर शिंकजा कसा जाएगा।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत दिए गए प्रशिक्षण बेरोजगारों के लिए कारगर साबित नहीं हो पाए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मात्र 22.61 फीसदी बेरोजगारों को ही इस प्रशिक्षण के बाद रोजगार मिल सका है। इन आंकड़ों ने मिशन के तहत दिए जाने वाले प्रशिक्षणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मिशन के अधिकारी नए सत्र में प्रशिक्षण केंद्रों को मिलने वाले लक्ष्यों के आंकड़े जुटाने में लगे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत बेरोजगारों युवाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए तमाम तरीके व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में शासन की ओर से इनके लिए जिले में कई संस्थाओं को नामित भी किया गया था। इन संस्थाओं के माध्यम से जिले भर विभिन्न प्रशिक्षणों के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोले गए। इन प्रशिक्षण केंद्रों में जिले के 3869 बेरोजगार युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण दिए जाने की हकीकत रोजगार मिलने पर सामने आई। विभागों की ओर से रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इन रोजगार मेलों में कई कंपनियों ने प्रतिभाग किया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने इन युवाओं को मिले प्रशिक्षण के सापेक्ष उनके साक्षात्कार किए। इन प्रशिक्षणार्थियों में से 3869 के सापेक्ष 875 युवाओं का ही कंपनी के प्रतिनिधियों ने चयन किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार महज 22.61 फीसदी बेरोजगारों को ही रोजगार मिल सका। अब विभागीय अधिकारी कम फीसदी में रोजगार मिलने को लेकर चिंतित हैं। अगले वित्तीय वर्ष में प्रशिक्षण केंद्रों पर विशेष निगरानी की जाएगी। सीडीओ आरबी भास्कर ने बताया कि पिछले कई वर्षों की तुलना में रोजगार दिए जाने के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रशिक्षण केंद्रों पर बेरोजगारों को सही ढ़ंग से प्रशिक्षण दिए जाने को लेकर शिंकजा कसा जाएगा।
विज्ञापन