{"_id":"6ab98090af29580a63006115","slug":"tricolour-hoisted-atop-the-6889-metre-high-mount-khangchengyao-hathras-news-c-56-1-sali1016-154839-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: 6,889 मीटर ऊंचे माउंट खांगचेंगयाओ पर फहराया तिरंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: 6,889 मीटर ऊंचे माउंट खांगचेंगयाओ पर फहराया तिरंगा
Mon, 28 Sep 2026 02:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
हवलदार ओमवीर भरंगर ,सादाबाद। स्वयं
- फोटो : Self
सादाबाद तहसील के गांव बिलारा निवासी और भारतीय सेना के जांबाज हवलदार ओमवीर भरंगर ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में इतिहास रचा है। सेना के विशेष पर्वतारोहण अभियान के तहत उन्होंने 6,889 मीटर (लगभग 22,600 फीट) ऊंची विकट और दुर्गम माउंट खांगचेंगयाओ चोटी पर तिरंगा फहराया है।
हिमालय की अत्यधिक ऊंचाई पर चलाए गए इस चुनौतीपूर्ण अभियान में पर्वतारोहियों की टीम को जानलेवा ठंड, बर्फीले व फिसलन भरे रास्तों, तेज तूफानी हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इन तमाम प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद हवलदार ओमवीर भरंगर ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अपने साथियों के साथ शिखर पर विजय प्राप्त की और भारत का राष्ट्रध्वज लहराया।
भरंगर की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव समेत पूरे सादाबाद में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया और वीर सपूत के जज्बे को सलाम किया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि माउंट खांगचेंगयाओ जैसी कठिन चोटी पर तिरंगा फहराना केवल एक खेल या पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और अटूट संकल्प का प्रतीक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमालय की अत्यधिक ऊंचाई पर चलाए गए इस चुनौतीपूर्ण अभियान में पर्वतारोहियों की टीम को जानलेवा ठंड, बर्फीले व फिसलन भरे रास्तों, तेज तूफानी हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इन तमाम प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद हवलदार ओमवीर भरंगर ने अपने अदम्य साहस, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए अपने साथियों के साथ शिखर पर विजय प्राप्त की और भारत का राष्ट्रध्वज लहराया।
विज्ञापन
भरंगर की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव समेत पूरे सादाबाद में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया और वीर सपूत के जज्बे को सलाम किया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि माउंट खांगचेंगयाओ जैसी कठिन चोटी पर तिरंगा फहराना केवल एक खेल या पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और अटूट संकल्प का प्रतीक है।
विज्ञापन