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सात मौतों से गांव मोहनपुरा में पूरे दिन मचा रहा कोहराम

Sat, 12 Oct 2019 12:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 12:21 AM IST
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There was a whole day of commotion in village Mohanpura due to seven deaths
सात मौतों से गांव मोहनपुरा में पूरे दिन मचा रहा कोहराम
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एक साथ हुआ सास, बहू और नातिनी के शवों का अंतिम संस्कार, दहाड़ें मार-मारकर रोये परिजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। बुलंदशहर के नरौरा में शुक्रवार की तड़के हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे दिन चंदपा क्षेत्र के गांव मोहनपुरा में कोहराम मचा रहा। एक साथ सात मौतों की खबर जैसे ही गांव में आई तो वहां मातम छा गया। काफी लोग बुलंदशहर पहुंच गए। देर शाम महेंद्र सिंह की पत्नी फूलवती, उनकी पुत्रवधू माला देवी और नातिनी कल्पना के शव जब गांव में लाए गए तो शवों को देखकर परिवार के लोग दहाड़े मार-मारकर रोने लगे। महिलाओं की और ज्यादा बुरी स्थिति हो गई। एक साथ जब महेंद्र सिंह की पत्नी, पुत्रवधू और नातिनी के शवों का अंतिम संस्कार हुआ तो हर किसी की आंखें इस दृश्य को देखकर नम हो गईं।
गुरुवार-शुक्रवार की रात को करीब तीन बजे नरौरा में हुए हादसे ने मोहनपुरा में ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी मातम छा गया। सुबह जैसे ही यह सूचना आई तो काफी लोग बुलंदशहर पहुंच गए। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। हादसे ने महेंद्र सिंह और सुखराम के घरों के सात सदस्यों को मौत की नींद सुला दिया। हादसे में महेंद्र सिंह की पत्नी, पुत्रवधू व नातिनी के अलावा उनकी बेटी और धेवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गांव के ही सुखराम की बेटी और धेवती मौत के मुंह में समा गए।
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जानकारी मिलते ही महेंद्र सिंह और सुखराम के घर पर कोहराम मच गया। दोनों के घरों के गांव में मौजूद पुरुष आनन-फानन बुलंदशहर रवाना हो गए, जबकि जब महिलाओं ने करुण कंद्रन शुरू कर दिया। नरौरा (बुलंदशहर) में रात को तीर्थ यात्रियों की बस नंबर यूपी 86 पी-5696 रुकी। उसमें करीब 35 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकतर यात्री हाथरस के गांव मोहनपुरा के ही रहने वाले हैं। वैष्णो देवी यात्रा से बस नरौरा आई, जिसमें से कुछ यात्री उतरकर गंगा स्नान के लिए चले गए।
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सात लोग, जिनमें फलवती (65 वर्ष) पत्नी महेंद्र सिंह, माला देवी (32 वर्ष) पत्नी उदयवीर (पुत्रवधू महेंद्र सिंह), कल्पना उर्फ मुक्ता (04 वर्ष) पुत्री उदयवीर निवासीगण मोहनपुरा चंदपा, महेंद्र सिंह की बेटी शीला देवी (35) पत्नी सरनाम सिंह व धेवती योगिता (04 वर्ष) पुत्री सरनाम सिंह निवासीगण परमेश्वर गेट थाना दक्षिण फिरोजाबाद के अलावा सुखराम की बेटी रेनू (22 वर्ष) पत्नी जितेंद्र व धेवती संजना (04 वर्ष) पुत्री कैलाश निवासीगण हरदुआगंज जिला अलीगढ़ फुटपाथ पर ही रोड से थोड़ी दूर पर जाकर सो गए। उसी समय दूसरी बस नंबर यूपी-81 सीटी-0799 संभल की तरफ से आई और सड़क किनारे सो रहे यात्रियों पर बस चढ़ गई, जिससे सभी की मौके पर ही मौत हो गई।

बुलंदशहर में पोस्टमार्टम के गांव शीला देवी और योगिता के शव फिरोजाबाद भेज दिए गए। संजना और रेनू के शवों को हरदुआगंज भेज दिया गया। शेष तीन शव देर शाम गांव मोहनपुरा पहुंचे। यह शव फूलवती, माला देवी और कल्पना उर्फ मुक्ता के थे। सास, बहू और नातिनी के शव जब गांव में आए तो वहां परिजनों का हाल-बेहाल हो गए। सभी फूट-फूटकर रोने लगे। देर शाम बेहद गमगीन माहौल में तीनों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ.अविन शर्मा के अलावा जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन राही व अन्य कई नेता शव आने पर मृतकों के परिजनों के पास पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।
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