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शहीद परिवार को मुआवजा देने में सरकार ने किया भेदभाव

Wed, 14 Sep 2022 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Sep 2022 01:54 AM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर नौसेना जवान और पैरा कमांडो सूरजपाल पचौरी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के अलावा परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, जिले में एक सड़क का नाम शहीद के नाम से रखने की घोषणा की है। सरकार का शहीद परिवार के प्रति समर्पण देखकर हर कोई तारीफ कर रहा है लेकिन 29 अगस्त को पैराशूट हादसे में शहीद हुए बरामई के पैरा कमांडो हरवीर सिंह के परिजनों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके अलावा शहीद हरवीर सिंह की पत्नी पवन देवी ने मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री, जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त आदि को पत्र लिखकर शहीद हरवीर सिंह के स्मारक स्थल और पार्क के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।

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The government discriminated in giving compensation to the martyr's family
शहीद हरवीर सिंह का फाइल फोटो। संवाद - फोटो : SADABAD

विस्तार

संवाद न्यूज एजेंसी सादाबाद।
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भारत चीन सीमा पर युद्ध अभ्यास के दौरान 29 अगस्त को पैराशूट हादसे में शहीद हुए पैरा कमांडो हरवीर सिंह के परिजनों की नाराजगी प्रशासन और सरकार के प्रति बढ़ती जा रही है। हाल ही में शहीद हुए मुरसान क्षेत्र के पैरा कमांडो को लेकर मुख्यमंत्री के ट्वीट और हलचल पैदा कर दी है। दूसरी ओर शहीद की पत्नी ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर शहीद पार्क, शहीद स्थल के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है।
पैराशूट हादसे में नायब सूबेदार हरवीर सिंह के शहीद होने के बाद से ही परिजन लगातार नाराजगी व्यक्त करते चले आ रहे हैं। हाल ही में मुरसान क्षेत्र के गांव नगरिया नंदराम के पैरा कमांडो सूरजपाल पचौरी युद्ध अभ्यास के दौरान पैराशूट न खुलने से शहीद हो गए थे। जबकि आगरा का एक नौसेना जवान भी शहीद हुआ है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर नौसेना जवान और पैरा कमांडो सूरजपाल पचौरी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के अलावा परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, जिले में एक सड़क का नाम शहीद के नाम से रखने की घोषणा की है।
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सरकार का शहीद परिवार के प्रति समर्पण देखकर हर कोई तारीफ कर रहा है लेकिन 29 अगस्त को पैराशूट हादसे में शहीद हुए बरामई के पैरा कमांडो हरवीर सिंह के परिजनों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनके भतीजे नीतेश चौधरी ने मुख्यमंत्री को री ट्वीट करते हुए बताया कि उनके चाचा भी लद्दाख में युद्धाभ्यास के दौरान शहीद हुए थे। उनके परिवार के साथ क्यों भेदभाव किया जा रहा है। उनके परिवार को मदद क्यों नहीं दी गई। नीतेश ने डीएम हाथरस, मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी ट्वीट किया है।
सादाबाद विधानसभा से आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी रहीं आरती भट्ट ने भी सरकार द्वारा शहीद परिवार के साथ किए गए भेदभाव पर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि शहीदों का सम्मान करना दिल्ली सरकार से सीखे, जहां शहीद के परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि दी जाती है। उन्होंने ट्वीट कर शहीद हरवीर सिंह के लिए न्याय की मांग की है।
क्षेत्रीय विधायक गुड्डू चौधरी ने भी सरकार के इस भेदभाव पूर्ण निर्णय पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि वह शहीद हरवीर सिंह के परिवार के साथ हैं। सरकार ने जो घोषणा अन्य शहीद परिवारों के लिए की है, वह सारी सुविधाएं, मुआवजा हरवीर सिंह के परिवार को भी मिलना चाहिए।

इसके अलावा शहीद हरवीर सिंह की पत्नी पवन देवी ने मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री, जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त आदि को पत्र लिखकर शहीद हरवीर सिंह के स्मारक स्थल और पार्क के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया है कि चार दिन पहले उन्होंने एसडीएम से मुलाकात की थी। इसके बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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