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Hathras News: एआई कैमरों से होगी दाऊजी मेला परिसर की निगरानी
Fri, 11 Sep 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:30 AM IST
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किला गेट पर तैयार होता मेले का प्रवेश द्वार। संवाद
- फोटो : Samvad
प्रांतीय लक्खी मेला श्रीदाऊजी महाराज की शुरुआत 17 सितंबर (बलदेव छठ) से होने जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से मेला परिसर को नौ जोन व नौ सेक्टरों में बांटा गया है। एआई कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी होगी। सुरक्षा के लिए एक हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती होगी।
कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने मेले के कार्यक्रमों के संयोजकों व समन्वयकों के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। डीएम ने कहा कि यह मेला जनपद की आस्था, परंपरा और गौरव से जुड़ा है। इसकी प्रतिष्ठा केवल भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन और श्रद्धालुओं के अनुभव से निर्धारित होती है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक व सांस्कृतिक मंचों पर अश्लील, आपत्तिजनक गीतों और राजनीतिक प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दंगल कार्यक्रमों में विवाद या अमर्यादित व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो। आयोजक कलाकारों, पहलवानों और अतिथियों की सूची, समय व अनुमानित भीड़ की जानकारी समय रहते पुलिस-प्रशासन को दें।
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पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिनमें 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। भीड़ बढ़ने पर पुलिस बल व चौकियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। श्रद्धालुओं से संवेदनशील व्यवहार के लिए पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रशांत तिवारी ने बताया कि एआई कैमरों की निगरानी ती एलईडी स्क्रीन से होगी। ये कैमरे गतिविधियों के साथ-साथ बातचीत भी रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। मेले के 14 प्रमुख स्थलों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे। अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने या अश्लीलता पाए जाने पर संबंधित संयोजक की जवाबदेही तय होगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने मेले के कार्यक्रमों के संयोजकों व समन्वयकों के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। डीएम ने कहा कि यह मेला जनपद की आस्था, परंपरा और गौरव से जुड़ा है। इसकी प्रतिष्ठा केवल भव्यता से नहीं, बल्कि अनुशासन और श्रद्धालुओं के अनुभव से निर्धारित होती है।
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उन्होंने कहा कि धार्मिक व सांस्कृतिक मंचों पर अश्लील, आपत्तिजनक गीतों और राजनीतिक प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। दंगल कार्यक्रमों में विवाद या अमर्यादित व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो। आयोजक कलाकारों, पहलवानों और अतिथियों की सूची, समय व अनुमानित भीड़ की जानकारी समय रहते पुलिस-प्रशासन को दें।
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पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगभग एक हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जिनमें 300 महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। भीड़ बढ़ने पर पुलिस बल व चौकियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। श्रद्धालुओं से संवेदनशील व्यवहार के लिए पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रशांत तिवारी ने बताया कि एआई कैमरों की निगरानी ती एलईडी स्क्रीन से होगी। ये कैमरे गतिविधियों के साथ-साथ बातचीत भी रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। मेले के 14 प्रमुख स्थलों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे। अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा ने बताया कि तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने या अश्लीलता पाए जाने पर संबंधित संयोजक की जवाबदेही तय होगी।