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Hathras News: हाथरस के पालनों में विराजेंगे ठाकुर जी
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शहर की एक फैक्टरी में तैयार किए जाते पीतल के पालने। संवाद
- फोटो : samvad
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जनपद के हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों ने देश भर में पालनों से अपनी पहचान बनाई है। हाथरस में बनाए गए पालनों की प्रदेश के साथ ही देश के सभी राज्यों में मांग है। यहां तैयार होने वाले लड्डू गोपाल के पालनों को दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और पंजाब भेजा गया है। इस साल शहर की 10 इकाइयों ने लगभग 4.80 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। 60 हजार किलो पीतल से 1.20 लाख पालने बनाए गए हैं। थोक में इनकी कीमत 800 रुपये किलो तो फुटकर में लगभग 1200 रुपये किलो तक है।
यूं तो पूरे जनपद में मैटल हैंडीक्राफ्ट का काम दशकों पुराना है, लेकिन शहर में इस साल 10 इकाइयों ने लड्डू गोपाल के पालने तैयार किए हैं। इन इकाइयों द्वारा करीब 1.30 लाख पालनों की आपूर्ति देश भर में की गई है। इन इकाइयों में 200 ग्राम से लेकर करीब सवा किलो तक वजनी अलग-अलग डिजाइन के पालने तैयार किए हैं। व्यापारियों की मांग के अनुसार इन पालनों की आपूर्ति की गई है। थोक में इन पालनों को करीब 800 रुपये किलो की दर से बेचा गया है, जो खुदरा बाजार में 1200 रुपये किलो तक बेचे जा रहे हैं। हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से करीब दो माह पूर्व पालनों का कारोबार शुरू किया जाता है।
बातचीत-
इस साल पालनों का कारोबार अच्छा रहा है। हमने अच्छी मात्रा में पालने तैयार किए थे। इस साल हमारे पास पालनों का स्टाॅक नहीं बचा है। मांग अधिक होने के कारण सारे माल की आपूर्ति की जा चुकी है।
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-हिमांशु वर्मा, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी।
धातु के पालनों का कारोबार अधिक से अधिक दो माह का होता है। हम लोगों ने भी पालने तैयार किए थे, जिन्हें दिल्ली, महाराष्ट्र आदि कई राज्यों के व्यापारियों ने खरीदा है। यह एक त्योहारी काम है, इसलिए कारोबार अच्छा रहता है।
-गिर्राज वर्मा, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी।
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यूं तो पूरे जनपद में मैटल हैंडीक्राफ्ट का काम दशकों पुराना है, लेकिन शहर में इस साल 10 इकाइयों ने लड्डू गोपाल के पालने तैयार किए हैं। इन इकाइयों द्वारा करीब 1.30 लाख पालनों की आपूर्ति देश भर में की गई है। इन इकाइयों में 200 ग्राम से लेकर करीब सवा किलो तक वजनी अलग-अलग डिजाइन के पालने तैयार किए हैं। व्यापारियों की मांग के अनुसार इन पालनों की आपूर्ति की गई है। थोक में इन पालनों को करीब 800 रुपये किलो की दर से बेचा गया है, जो खुदरा बाजार में 1200 रुपये किलो तक बेचे जा रहे हैं। हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से करीब दो माह पूर्व पालनों का कारोबार शुरू किया जाता है।
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बातचीत-
इस साल पालनों का कारोबार अच्छा रहा है। हमने अच्छी मात्रा में पालने तैयार किए थे। इस साल हमारे पास पालनों का स्टाॅक नहीं बचा है। मांग अधिक होने के कारण सारे माल की आपूर्ति की जा चुकी है।
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-हिमांशु वर्मा, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी।
धातु के पालनों का कारोबार अधिक से अधिक दो माह का होता है। हम लोगों ने भी पालने तैयार किए थे, जिन्हें दिल्ली, महाराष्ट्र आदि कई राज्यों के व्यापारियों ने खरीदा है। यह एक त्योहारी काम है, इसलिए कारोबार अच्छा रहता है।
-गिर्राज वर्मा, हैंडीक्राफ्ट कारोबारी।