{"_id":"6ab979fbec9c853036070143","slug":"teenager-left-home-after-being-scolded-by-his-father-over-studies-hathras-news-c-2-1-ali1010-1077109-2026-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: पढ़ाई के लिए पिता ने डांटा तो किशोर ने छोड़ दिया घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: पढ़ाई के लिए पिता ने डांटा तो किशोर ने छोड़ दिया घर
Mon, 28 Sep 2026 01:48 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जनपद बदायूं के एक किशोर को पढ़ाई के लिए उसके पिता ने डांट दिया। इससे नाराज होकर किशोर ट्रेन में बैठकर बदायूं से हाथरस सिटी स्टेशन पर आ गया। पूछताछ के बाद जीआरपी ने किशोर को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। किशोर को पाकर उसके परिजन बेहद खुश हैं।
जनपद बदायूं के थाना उसवा क्षेत्र के 14 वर्षीय किशोर को रविवार की सुबह उसके पिता ने पढ़ाई के लिए डांट दिया था। इससे नाराज होकर किशोर बदायूं रेलवे स्टेशन पर आ गया। स्टेशन पर कुछ देर इंतजार करने के बाद किशोर मथुरा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गया। यात्रा के दौरान किशोर का गुस्सा शांत हो गया तो वह हाथरस सिटी स्टेशन पर उतर गया।
स्टेशन पर गुमशुम अवस्था में मिलने पर गश्त के दौरान जीआरपी को मिल गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जीआरपी ने किशोर के परिजनों को सूचना दे दी। शाम को किशोर के परिजन सिटी स्टेशन पहुंच गए। जीआरपी के इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने बताया कि किशोर को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद बदायूं के थाना उसवा क्षेत्र के 14 वर्षीय किशोर को रविवार की सुबह उसके पिता ने पढ़ाई के लिए डांट दिया था। इससे नाराज होकर किशोर बदायूं रेलवे स्टेशन पर आ गया। स्टेशन पर कुछ देर इंतजार करने के बाद किशोर मथुरा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गया। यात्रा के दौरान किशोर का गुस्सा शांत हो गया तो वह हाथरस सिटी स्टेशन पर उतर गया।
विज्ञापन
स्टेशन पर गुमशुम अवस्था में मिलने पर गश्त के दौरान जीआरपी को मिल गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जीआरपी ने किशोर के परिजनों को सूचना दे दी। शाम को किशोर के परिजन सिटी स्टेशन पहुंच गए। जीआरपी के इंस्पेक्टर राहुल कुमार ने बताया कि किशोर को उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।
विज्ञापन