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लर्निंग आउटकम परीक्षा के परिणाम से तय होगी शिक्षकों की ग्रेडिंग
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लर्निग आउटकम परीक्षा के दौरान चेकिंग करते सीडीओ।
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले भर के परिषदीय स्कूलों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन हुआ। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे शामिल हुए। इस परीक्षा परिणाम से बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का तो पता चलेगा ही, शिक्षकों की ग्रेडिंग भी होगी। परीक्षा में कमजोर बच्चों की छटनी करके उन्हें अलग से शैक्षिक ट्रीटमेंट भी दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता को सही करने के लिए तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। नवंबर में भी बेसिक शिक्षा के महानिदेशक के निर्देश पर यह परीक्षा हुई थी, जिसमें कक्षा 5, 6, 7 और आठवीं के बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई थी, लेकिन बुधवार को हुई परीक्षा में इस बार कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे शामिल हुए। इस परीक्षा में शामिल बच्चों ने पेपर में आए सवालों का जवाब दिया। एक ही पेपर में सभी विषयों प्रश्न आए। परीक्षा परिणाम के आधार पर बच्चों की छटनी होगी, जो बच्चे कमजोर पाए जाएंगे उनका शैक्षिक स्तर बढ़ाए जाने के लिए उन्हें अलग से पढ़ाया जाएगा, ताकि वार्षिक परीक्षा में वह अच्छे अंक ला सके। वहीं इस परीक्षा से यह भी पता चलेगा कि शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाने में कितनी और किस स्तर की मेहनत की है, क्योंकि इस परीक्षा से शिक्षक-शिक्षिकाओं का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा। परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक हुई। इस दौरान सात जोनल, आठ सेक्टर मजिस्ट्रेट और सात सचल दलों ने स्कूलों का लगातार भ्रमण किया। वहीं प्रत्येक विद्यालय में एक पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहा। कुल 1519 पर्यवेक्षकों ने लर्निंग आउट कम परीक्षा पर नजर रखी। बीएसए हरिश्चंद्र ने बताया कि परीक्षा परिणाम के आधार पर स्कूलों व उनमें तैनात शिक्षकों की ग्रेडिंग होगी। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार भी इससे होगा। परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
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जिले भर के परिषदीय स्कूलों में लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन हुआ। जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे शामिल हुए। इस परीक्षा परिणाम से बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता का तो पता चलेगा ही, शिक्षकों की ग्रेडिंग भी होगी। परीक्षा में कमजोर बच्चों की छटनी करके उन्हें अलग से शैक्षिक ट्रीटमेंट भी दिया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता को सही करने के लिए तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। नवंबर में भी बेसिक शिक्षा के महानिदेशक के निर्देश पर यह परीक्षा हुई थी, जिसमें कक्षा 5, 6, 7 और आठवीं के बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा हुई थी, लेकिन बुधवार को हुई परीक्षा में इस बार कक्षा तीन से आठवीं तक के बच्चे शामिल हुए। इस परीक्षा में शामिल बच्चों ने पेपर में आए सवालों का जवाब दिया। एक ही पेपर में सभी विषयों प्रश्न आए। परीक्षा परिणाम के आधार पर बच्चों की छटनी होगी, जो बच्चे कमजोर पाए जाएंगे उनका शैक्षिक स्तर बढ़ाए जाने के लिए उन्हें अलग से पढ़ाया जाएगा, ताकि वार्षिक परीक्षा में वह अच्छे अंक ला सके। वहीं इस परीक्षा से यह भी पता चलेगा कि शिक्षकों ने बच्चों को पढ़ाने में कितनी और किस स्तर की मेहनत की है, क्योंकि इस परीक्षा से शिक्षक-शिक्षिकाओं का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार होगा। परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक हुई। इस दौरान सात जोनल, आठ सेक्टर मजिस्ट्रेट और सात सचल दलों ने स्कूलों का लगातार भ्रमण किया। वहीं प्रत्येक विद्यालय में एक पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहा। कुल 1519 पर्यवेक्षकों ने लर्निंग आउट कम परीक्षा पर नजर रखी। बीएसए हरिश्चंद्र ने बताया कि परीक्षा परिणाम के आधार पर स्कूलों व उनमें तैनात शिक्षकों की ग्रेडिंग होगी। साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार भी इससे होगा। परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
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