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Hathras News: तहव्वुर राणा को मिले फांसी, ज्यादा समय न रखें जेल में
Fri, 11 Apr 2025 01:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 11 Apr 2025 01:13 AM IST
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रोहित शर्मा के घर पर गांव चंदपा में पसरा सन्नाटा।संवाद
- फोटो : samvad
26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में मूल रूप से गांव चंदपा निवासी नीतेश की जान चली गई थी। अब चूंकि इस हमले के मास्टर माइंड तहव्वुर राणा को भारत लाने की चर्चा चल रही है तो यह परिवार फिर सुर्खियों में है। मुंबई से आए नीतेश के चचेरे भाई रोहित कौशिक का कहना है कि तहव्वुर राणा को फांसी होनी चाहिए, उसे ज्यादा समय तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि चंदपा निवासी देवेश कुमार शर्मा के बड़े भाई विजय कुमार शर्मा मुंबई में नेवी में नौकरी करते थे। देवेश की गांव में ही मिठाई की दुकान है। उनका भतीजा नीतेश मुंबई में 26 नवंबर 2008 को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर अपने पिता व परिवार के अन्य लोगों के साथ गांव आने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान आतंकियों ने वहां हमला कर दिया, जिसमें नीतेश की मौत हो गई थी।
नीतेश की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया था। पूरा गांव कई दिन तक नीतेश की मौत पर शोक में डूबा रहा। जब भी 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों का जिक्र होता है तो यह परिवार नीतेश की याद कर गम में डूब जाता है। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही सोशल मीडिया के जरिये यह जानकारी गांव चंदपा में पहुंची कि 26 नवंबर को हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा रहा है तो वहां इसकी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों में राणा के प्रति खासा आक्रोश देखने को मिला।
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मुंबई से गांव पहुंचे मृतक नीतेश के चचेरे भाई रोहित कौशिक ने बताया कि हमारे बड़े पापा का नीतेश अकेला बेटा था। कसाब की गोली से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन पर नीतेश की जान चली गई थी। उन्होंने बताया कि उसका एक भाई पांच वर्ष की उम्र में ही लापता हो गया था, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आतंकी हमले में नीतेश की भी मौत हो गई थी। इस हमले में हमारे परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। फिलहाल गांव में नीतेश के पैतृक घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक नीतेश के पिता मुंबई के पनवेल में रहते हैं। अब उनकी केवल दो बेटियां हैं।
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उल्लेखनीय है कि चंदपा निवासी देवेश कुमार शर्मा के बड़े भाई विजय कुमार शर्मा मुंबई में नेवी में नौकरी करते थे। देवेश की गांव में ही मिठाई की दुकान है। उनका भतीजा नीतेश मुंबई में 26 नवंबर 2008 को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर अपने पिता व परिवार के अन्य लोगों के साथ गांव आने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान आतंकियों ने वहां हमला कर दिया, जिसमें नीतेश की मौत हो गई थी।
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नीतेश की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया था। पूरा गांव कई दिन तक नीतेश की मौत पर शोक में डूबा रहा। जब भी 26 नवंबर 2008 के आतंकी हमलों का जिक्र होता है तो यह परिवार नीतेश की याद कर गम में डूब जाता है। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही सोशल मीडिया के जरिये यह जानकारी गांव चंदपा में पहुंची कि 26 नवंबर को हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा रहा है तो वहां इसकी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों में राणा के प्रति खासा आक्रोश देखने को मिला।
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मुंबई से गांव पहुंचे मृतक नीतेश के चचेरे भाई रोहित कौशिक ने बताया कि हमारे बड़े पापा का नीतेश अकेला बेटा था। कसाब की गोली से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन पर नीतेश की जान चली गई थी। उन्होंने बताया कि उसका एक भाई पांच वर्ष की उम्र में ही लापता हो गया था, जिसका आज तक कुछ पता नहीं चला। उसके बाद आतंकी हमले में नीतेश की भी मौत हो गई थी। इस हमले में हमारे परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। फिलहाल गांव में नीतेश के पैतृक घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक नीतेश के पिता मुंबई के पनवेल में रहते हैं। अब उनकी केवल दो बेटियां हैं।