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हमारे सब्र का इम्तिहान नहीं ले प्रदेश सरकार
अमर उजाला ब्यूरो ,हाथरस।
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:22 PM IST
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Protest of Sikshamitra
- फोटो : amar ujala
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समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर दूसरे दिन भी शिक्षामित्रों का सत्याग्रह जारी रहा। संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक राजेंद्र सिंह पचहरा, बृजेश वशिष्ठ और सुरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में चल रहे धरने में शिक्षामित्रों के हक में एकजुट होकर आवाज बुलंद की गई। इस दौरान तहसीलदार सदर कमलेश गोयल को सीएम के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।
शिक्षामित्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के धैर्य की परीक्षा नहीं ले, क्योंकि धैर्य की भी एक सीमा होती है। शिक्षामित्रों का धैर्य यदि जवाब दे गया तो शासन-प्रशासन संभाल नहीं पाएगा, क्योंकि शिक्षामित्रों के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा है। वह अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। धरना-प्रदर्शन में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आकर शिक्षामित्रों की मांगों को पूर्ण रूप से जायज बताया और अपना समर्थन व्यक्त किया। इस मौके पर संघर्ष मोर्चा ने लखनऊ कूच के लिए भी रणनीति तैयार की।
इसे सफल बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से तीन-तीन शिक्षामित्रों को नामित किया गया, जिससे संघर्ष शुल्क और वाहन शुल्क 19 अगस्त को एकत्रित किया जा सके और लखनऊ पहुंचने के लिए बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। 21 अगस्त से प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर होने वाले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में भारी तादाद में पहुंच सकें। 20 अगस्त को शिक्षामित्र लखनऊ कूच करेंगे। इस मौके पर महेश यादव संघर्षी, इरफान खान, मूलचंद्र माहौर, निरंजन सिंह, हरिओम चौधरी, विनय भारद्वाज, संगीता शर्मा, गिरीश सेंगर, रामदास यादव, सत्यवीर सिंह, गजराज सिंह, पवन प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विनोद कुमार, सत्येंद्र उपाध्याय, प्रमोद सेंगर, मुकेश सेंगर,राजीव शर्मा, सुनीता सिंह, सोनल उपाध्याय, अजय शर्मा, नरेंद्र गौतम, विजय कुमार आदि सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित थे।
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शिक्षामित्र नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के धैर्य की परीक्षा नहीं ले, क्योंकि धैर्य की भी एक सीमा होती है। शिक्षामित्रों का धैर्य यदि जवाब दे गया तो शासन-प्रशासन संभाल नहीं पाएगा, क्योंकि शिक्षामित्रों के पास अब खोने के लिए कुछ नहीं बचा है। वह अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। धरना-प्रदर्शन में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने अपनी टीम के साथ आकर शिक्षामित्रों की मांगों को पूर्ण रूप से जायज बताया और अपना समर्थन व्यक्त किया। इस मौके पर संघर्ष मोर्चा ने लखनऊ कूच के लिए भी रणनीति तैयार की।
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इसे सफल बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक से तीन-तीन शिक्षामित्रों को नामित किया गया, जिससे संघर्ष शुल्क और वाहन शुल्क 19 अगस्त को एकत्रित किया जा सके और लखनऊ पहुंचने के लिए बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। 21 अगस्त से प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर होने वाले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में भारी तादाद में पहुंच सकें। 20 अगस्त को शिक्षामित्र लखनऊ कूच करेंगे। इस मौके पर महेश यादव संघर्षी, इरफान खान, मूलचंद्र माहौर, निरंजन सिंह, हरिओम चौधरी, विनय भारद्वाज, संगीता शर्मा, गिरीश सेंगर, रामदास यादव, सत्यवीर सिंह, गजराज सिंह, पवन प्रताप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विनोद कुमार, सत्येंद्र उपाध्याय, प्रमोद सेंगर, मुकेश सेंगर,राजीव शर्मा, सुनीता सिंह, सोनल उपाध्याय, अजय शर्मा, नरेंद्र गौतम, विजय कुमार आदि सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित थे।
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