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Hathras News: जिला महिला अस्पताल में सोता रहा स्टाफ, तड़पती रही प्रसूता
Tue, 15 Sep 2026 01:52 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:52 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जिला महिला अस्पताल में रविवार देर रात प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला के तीमारदारों को कोई स्टाफ नहीं मिला। प्रसूता दर्द से तड़पती रही। प्रसव कक्ष में चिकित्सक और स्टाफ नर्स के न आने पर परिजनों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शिकायत की। आरोप है कि शिकायत के बाद अस्पताल के स्टाफ ने तीमारदारों से अभद्रता की, जिससे हंगामा खड़ा हो गया।
नया बांस निवासी मोहित की पत्नी पूजा को रविवार दोपहर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोहित के भाई गोविंद कुमार के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे पूजा को तेज दर्द हुआ। उस समय वार्ड में कोई स्टाफ नर्स या वार्ड आया मौजूद नहीं थी। ड्यूटी रूम में भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। गोविंद ने प्रसव कक्ष के बाहर से कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। अस्पताल का गार्ड भी सो रहा था। कोई रास्ता न दिखने पर गोविंद ने जिलाधिकारी और फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन किया। थोड़ी देर बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने भी स्टाफ को सोते हुए देखा। गोविंद का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जाते ही गार्ड उठा और उनसे अभद्रता की। गार्ड ने कहा कि अभी दवा लगी है, चार घंटे बाद देखा जाएगा। एक महिला कर्मचारी ने भी शिकायत करने पर नाराजगी जताई। इस घटना से अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई थी।
अधिकारियों की जांच और निगरानी
अधिकारियों से शिकायत के बाद सोमवार को जिला अस्पताल के सीएमएस और अन्य चिकित्सक पूजा की निगरानी में लगे रहे। सोमवार दोपहर तक महिला का प्रसव नहीं हुआ था। परिजनों को सिजेरियन का सुझाव दिया गया, लेकिन वे सामान्य प्रसव के प्रयास की बात कह रहे थे।
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प्रसव के लिए महिला को दवा दी गई थी। सोमवार दोपहर तक महिला का प्रसव नहीं हुआ। स्टॉफ के व्यवहार या अनुपलब्ध रहने के संबंध में शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
डाॅ. डीएम सक्सेना, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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नया बांस निवासी मोहित की पत्नी पूजा को रविवार दोपहर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोहित के भाई गोविंद कुमार के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे पूजा को तेज दर्द हुआ। उस समय वार्ड में कोई स्टाफ नर्स या वार्ड आया मौजूद नहीं थी। ड्यूटी रूम में भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। गोविंद ने प्रसव कक्ष के बाहर से कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। अस्पताल का गार्ड भी सो रहा था। कोई रास्ता न दिखने पर गोविंद ने जिलाधिकारी और फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन किया। थोड़ी देर बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने भी स्टाफ को सोते हुए देखा। गोविंद का आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जाते ही गार्ड उठा और उनसे अभद्रता की। गार्ड ने कहा कि अभी दवा लगी है, चार घंटे बाद देखा जाएगा। एक महिला कर्मचारी ने भी शिकायत करने पर नाराजगी जताई। इस घटना से अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई थी।
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अधिकारियों की जांच और निगरानी
अधिकारियों से शिकायत के बाद सोमवार को जिला अस्पताल के सीएमएस और अन्य चिकित्सक पूजा की निगरानी में लगे रहे। सोमवार दोपहर तक महिला का प्रसव नहीं हुआ था। परिजनों को सिजेरियन का सुझाव दिया गया, लेकिन वे सामान्य प्रसव के प्रयास की बात कह रहे थे।
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प्रसव के लिए महिला को दवा दी गई थी। सोमवार दोपहर तक महिला का प्रसव नहीं हुआ। स्टॉफ के व्यवहार या अनुपलब्ध रहने के संबंध में शिकायत मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
डाॅ. डीएम सक्सेना, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल