सपा को छोड़ किसी दल ने नहीं खोले पत्ते
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हाथरस। ब्लॉक प्रमुख चुनाव सिर पर आ चुका है, लेकिन सपा को छोड़कर अभी तक किसी भी दल ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। सपा भी सात में से सिर्फ चार ब्लॉकों में ही अपने प्रत्याशी घोषित कर पाई है, जबकि बसपा तो किसी भी ब्लॉक में अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। माना जा रहा है कि सत्तापक्ष की घेराबंदी के चलते बसपा को ऐसे उम्मीदवार तलाशने में मुश्किल हो रही है, जोकि सपा के चक्रव्यूह को भेदकर प्रमुखी पर कब्जा कर सकें।
सपा ने अभी तक सिकंदराराऊ, हसायन, सहपऊ और सासनी से ही अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं। हाथरस, मुरसान और सादाबाद में वह अभी प्रत्याशी तलाश नहीं कर सकी है। माना जा रहा है कि इन ब्लॉकों में बसपा के दावेदारों के मुकाबले उसे मजबूत प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे हैं। इसी वजह से यहां पर प्रत्याशियों की घोषणा फिलहाल टाली गई है। बसपा की मुश्किल तो यह है कि वह अभी तक किसी भी ब्लॉक में प्रत्याशी नहीं उतार सकी है। उसे सत्ताधारी सपा के रुतबे से निपटने के लिए ऐसे प्रत्याशी तलाशने में मुश्किल हो रही है, जोकि उसके लिए जीत की गारंटी बन सकें। बताते हैं कि जिन दावेदारों पर बसपा ने हाथ रखा था, उनमें से कुछ तो सत्तापक्ष के खेमे में जा बैठे हैं। यही वजह है कि ऐनवक्त पर बसपा का चुनावी समीकरण गड़बड़ा गया है।
भाजपा और राष्ट्रीय लोकदल तो अभी तक प्रत्याशी चयन के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। यह दोनों ही दल इस चुनाव में भी सपा-बसपा के मुकाबले पिछड़ते नजर आ रहे हैं। दोनों में से कोई भी दल किसी भी ब्लॉक पर जीत का दावा तक करने की स्थिति में नहीं है। जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह इस चुनाव में भी यह दोनों दल दर्शक की भूमिका ही निभाते दिखेंगे।