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Hathras News: दाऊजी मंदिर की बदली सेवादारी, मधुसूदन चतुर्वेदी ने संभाली जिम्मेदारी
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दाऊबाबा रेवती मैया के विग्रह के दर्शन। संवाद
- फोटो : Samvad
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किला परिसर स्थित दाऊजी महाराज मंदिर में परंपरागत तरीके से सेवादारी परिवर्तन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान निवर्तमान सेवादार प्रमोद चतुर्वेदी (पुत्र कपिलदेव चतुर्वेदी) ने मंदिर की चाबियां एवं सेवादारी का दायित्व मधुसूदन चतुर्वेदी को विधिवत सौंप दिया। धार्मिक अनुष्ठान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह परंपरा निर्विवाद रूप से संपन्न हुई।
दाऊजी महाराज मंदिर में प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सेवादारों के बीच चाबियों का आदान-प्रदान किया जाता है। इस वर्ष भी नई सेवादारी का कार्यभार ग्रहण कराया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने नई सेवादारी के सफल कार्यकाल की कामना की। सेवादारी परिवर्तन के साथ ही अब वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 115वें ऐतिहासिक श्री दाऊजी महाराज मेले की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी।
मेले के आयोजन, व्यवस्थाओं और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मेला क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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दाऊजी महाराज मंदिर में प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सेवादारों के बीच चाबियों का आदान-प्रदान किया जाता है। इस वर्ष भी नई सेवादारी का कार्यभार ग्रहण कराया गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने नई सेवादारी के सफल कार्यकाल की कामना की। सेवादारी परिवर्तन के साथ ही अब वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 115वें ऐतिहासिक श्री दाऊजी महाराज मेले की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी।
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मेले के आयोजन, व्यवस्थाओं और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होगी। स्थानीय श्रद्धालुओं का मानना है कि यह मेला क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र है, जिसमें दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
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