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Hathras News: सड़क से ऊंची सर्विस रोड..बढ़ा हादसों का खतरा, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
Sun, 13 Sep 2026 02:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:34 AM IST
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सलेमपुर में हाईवे की सर्विस रोड, जो गांव की सड़क से ऊंची है। संवाद
- फोटो : Samvad
मथुरा-बरेली राजमार्ग (एनएच-530बी) पर गांव सलेमपुर के उत्तरी छोर पर चल रहा निर्माण कार्य हादसों का सबब बन रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि एनएचएआई ने 40 मीटर लंबे सर्विस मार्ग को कस्बे की सामान्य सड़क से ऊंचा उठा दिया है। शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं हुई, तो शुक्रवार शाम से आक्रोशित ग्रामीणों व किसानों ने निर्माण स्थल पर ही टेंट और तख्त डालकर धरना शुरू कर दिया है।
किसानों का धरना सुबह नौ बजे शुरू हुआ। शाम करीब छह बजे एसडीएम सासनी शिवप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर एनएचएआई की टीम को बुलाकर कार्य की स्थिति पर नाराजगी जताई और इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए। एसडीएम ने उन्हें दो दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
ग्रामीणों के अनुसार सलेमपुर के उत्तरी छोर पर चैनेज 70/200 के समीप बनाई गई इस सर्विस रोड में कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं। लगभग 40 मीटर लंबे पैच को कस्बे की सड़क से काफी ऊंचा कर दिए जाने के कारण अचानक तीखा ढलान और ब्लाइंड मोड़ बन गया है, जिससे सामने से आने वाले वाहन चालकों को कुछ दिखाई नहीं देता।
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हाईटेंशन लाइन का खतरा : सड़क की ऊंचाई अचानक बढ़ने से ऊपर से गुजर रही 11 केवी/हाईटेंशन बिजली की लाइनें काफी नीचे आ गई हैं, जो सीधे तौर पर बड़े वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं।
व्यापार और खेतीबाड़ी ठप : अत्यधिक ऊंचाई के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही खेतों में उतरने के लिए कोई सुरक्षित रैंप न होने से किसान अपने ट्रैक्टर व कृषि उपकरण खेतों तक नहीं ले जा पा रहे हैं।
लापरवाही से चली गई कई लोगों की जान
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की इन्हीं खामियों के कारण पूर्व में पांच लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। छह अगस्त 2026 को धौलपुर (राजस्थान) के 30 वर्षीय हरिओम की मौत हो गई थी। वे हाईवे निर्माण में जुटे थे। लोहे की छड़ हाईटेंशन लाइन से छू गई थी। उसके बाद 14 अगस्त को चंदपा से कासगंज कांवड़ लेने जा रहे बाइक सवार जीजा-साले इसी मार्ग पर हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें साले की मौत हो गई थी। 14 अगस्त को ही सलेमपुर मोड़ पर नायब तहसीलदार की गाड़ी से मोपेड सवार बाबा-नाती सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी।
प्रशासनिक बेरुखी से बढ़ा आक्रोश
सलेमपुर के ग्रामीणों ने कुछ समय पूर्व जिलाधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन देकर निर्माण कार्य को दुरुस्त करने की मांग की थी। कोई सुनवाई न होने से आहत होकर सत्यपाल सिंह, महेश कुमार, प्रेमपाल, रामलाल, मुकेश, नौहर सिंह, रामचरण, योगेश कुमार, विकेश सेंगर और निरंजन सिंह सहित कई ग्रामीणों ने सलेमपुर में बैनर लगाकर मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सर्विस रोड का अलाइनमेंट ठीक कर ऊंचाई कम नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
जब हादसे हुए थे, तब इस मामले में शिकायत मिली थी। इसके बाद तकनीकी जांच के लिए कमेटी को गठित कर एसडीएम सासनी को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों के कुछ सुझाव प्राप्त हुए थे। इन पर कार्य कराया जा रहा है।
-प्रशांत तिवारी, एडीएम।
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किसानों का धरना सुबह नौ बजे शुरू हुआ। शाम करीब छह बजे एसडीएम सासनी शिवप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर एनएचएआई की टीम को बुलाकर कार्य की स्थिति पर नाराजगी जताई और इसे तत्काल रोकने के निर्देश दिए। एसडीएम ने उन्हें दो दिन में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
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ग्रामीणों के अनुसार सलेमपुर के उत्तरी छोर पर चैनेज 70/200 के समीप बनाई गई इस सर्विस रोड में कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं। लगभग 40 मीटर लंबे पैच को कस्बे की सड़क से काफी ऊंचा कर दिए जाने के कारण अचानक तीखा ढलान और ब्लाइंड मोड़ बन गया है, जिससे सामने से आने वाले वाहन चालकों को कुछ दिखाई नहीं देता।
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हाईटेंशन लाइन का खतरा : सड़क की ऊंचाई अचानक बढ़ने से ऊपर से गुजर रही 11 केवी/हाईटेंशन बिजली की लाइनें काफी नीचे आ गई हैं, जो सीधे तौर पर बड़े वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं।
व्यापार और खेतीबाड़ी ठप : अत्यधिक ऊंचाई के कारण आसपास के दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही खेतों में उतरने के लिए कोई सुरक्षित रैंप न होने से किसान अपने ट्रैक्टर व कृषि उपकरण खेतों तक नहीं ले जा पा रहे हैं।
लापरवाही से चली गई कई लोगों की जान
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की इन्हीं खामियों के कारण पूर्व में पांच लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। छह अगस्त 2026 को धौलपुर (राजस्थान) के 30 वर्षीय हरिओम की मौत हो गई थी। वे हाईवे निर्माण में जुटे थे। लोहे की छड़ हाईटेंशन लाइन से छू गई थी। उसके बाद 14 अगस्त को चंदपा से कासगंज कांवड़ लेने जा रहे बाइक सवार जीजा-साले इसी मार्ग पर हादसे का शिकार हो गए थे, जिसमें साले की मौत हो गई थी। 14 अगस्त को ही सलेमपुर मोड़ पर नायब तहसीलदार की गाड़ी से मोपेड सवार बाबा-नाती सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी।
प्रशासनिक बेरुखी से बढ़ा आक्रोश
सलेमपुर के ग्रामीणों ने कुछ समय पूर्व जिलाधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन देकर निर्माण कार्य को दुरुस्त करने की मांग की थी। कोई सुनवाई न होने से आहत होकर सत्यपाल सिंह, महेश कुमार, प्रेमपाल, रामलाल, मुकेश, नौहर सिंह, रामचरण, योगेश कुमार, विकेश सेंगर और निरंजन सिंह सहित कई ग्रामीणों ने सलेमपुर में बैनर लगाकर मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सर्विस रोड का अलाइनमेंट ठीक कर ऊंचाई कम नहीं की जाती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
जब हादसे हुए थे, तब इस मामले में शिकायत मिली थी। इसके बाद तकनीकी जांच के लिए कमेटी को गठित कर एसडीएम सासनी को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों के कुछ सुझाव प्राप्त हुए थे। इन पर कार्य कराया जा रहा है।
-प्रशांत तिवारी, एडीएम।