हाथरस: सीएचसी पर खड़ी कबाड़ एंबुलेंस में लगी आग, कई किलोमीटर तक दिखा धुएं का गुबार,आधे घंटे बाद पहुंची दमकल
अस्पताल में रखे दोनों फायर एक्सटिंग्विशर फेल हो गए, जिसके बाद कर्मचारियों ने बाल्टी और समर्सिबल से पानी भरकर आधे घंटे की मशक्कत से आग बुझाई, तब तक दमकल सहपऊ में होने के कारण देरी से पहुंची।
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सादाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खड़ी एक पुरानी कबाड़ एंबुलेंस में रविवार शाम अचानक आग लग गई। खास ये रहा कि कर्मचारियों ने जब अस्पताल के अग्निशमन यंत्रों का इस्तेमाल किया तो वे चले ही नहीं। इसके बाद कर्मचारी बाल्टी लेकर दौड़े और समर्सिबल से पानी भर-भर कर आग बुझाई। करीब आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ी पहुंची हालांकि तब तक आग लगभग बुझाई जा चुकी थी।
सादाबाद सीएचसी परिसर के खाली मैदान में दो निष्प्रयोज्य एंबुलेंस खड़ी थीं। पास में और भी कबाड़ था। यहीं लोग कूड़ा भी डालते हैं। शाम करीब 4:30 बजे आवास में रहे कर्मचारियों के परिवार ने धुआं उठते देखा तो शोर मचाया। नजदीक पहुंचने पर पाया कि एंबुलेंस में आग लगी है जो तेजी से बढ़ने लगी।
आसपास के लोग मौके पर जुट गए और दमकल को सूचना देने के साथ आग बुझाने में जुट गए। सीएचसी के कर्मचारी अस्पताल में रखे दो फायर एक्सटिंग्विशर लेकर पहुंचे लेकिन दोनों चले ही नहीं। इसके बाद कर्मचारियों को आवास के पास से बाल्टी में पानी भरकर लाना पड़ा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग लगभग बुझा ली गई। करीब पांच बजे दमकल की गाड़ी पहुंची जिसने आग को पूरी तरह शांत किया।
सादाबाद सीएचसी में आग की वजह का पता लगाया जा रहा है। एंबुलेंस सीएचसी भवन से काफी दूर खड़ी हुई थी जबकि अस्पताल का फायर सिस्टम भवन के लिए है। निष्प्रयोज्य वाहनों को परिसर से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।-डॉ. वेदप्रकाश, सीएमओ
सिगरेट से आग लगने की आशंका
आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। लोगों ने आशंका जाहिर की कि किसी ने जलती हुई सिगरेट फेंकी होगी जिससे घटना हुई। पुलिस ने भी घटना स्थल का जायजा लिया। सीएचसी परिसर में कर्मचारियों के परिवार रहते हैं। आग की लपटों और धुएं के गुबार से बच्चे-महिलाएं सहम गए। धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। इस वजह से भी सीएचसी में बाहरी लोग भी जमा हो गए।
घटना के समय सहपऊ में थी दमकल
जिस वक्त सीएचसी में आग लगी उस समय दमकल सहपऊ में थी। इस कारण घटना स्थल पर पहुंचने में देरी हुई। एफएसओ केपी सिंह ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली गाड़ी को तत्काल मौके के लिए भेजा गया और समय से आग पर काबू पाया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
अस्पतालों में निष्प्रयोज्य वाहन व सामान
जिला अस्पताल से लेकर कस्बे व ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों में खड़े निष्प्रयोज्य वाहन और अनुपयोगी सामान की भरमार है। ये अक्सर हादसों का सबब बनते हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग के 15 से 20 निष्प्रयोज्य वाहन हैं। इन्हें नीलाम भी नहीं किया जा रहा है।
जून में जिला अस्पताल में लगी थी आग
जिला अस्पताल के स्टोर में 4 जून 2026 को शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। सारा सामान जलकर राख हो गया था। आग से अस्पताल की बिजली भी आपूर्ति प्रभावित हुई थी।