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छात्रवृत्ति घोटाला : हाथरस सपा जिलाध्यक्ष युवराज सिंह यादव गिरफ्तार
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युवराज सिंह को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाती पुलिस।
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ (हाथरस)।
करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले में सपा के जिलाध्यक्ष युवराज सिंह यादव को पुलिस ने रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे घर से गिरफ्तार कर लिया। युवराज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सीएचसी में उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया। अब उन्हें ईओडब्ल्यू कानपुर के सुपुर्द किया जाएगा। इस मामले में पुलिस युवराज के भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि यादव को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अभी वे जमानत पर बाहर हैं।
गौरतलब है कि 2006 में युवराज सिंह यादव व अन्य पर फर्जी कागजात तैयार कर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला दर्ज हुआ था। जांच में ईओडब्ल्यू कानपुर ने युवराज सहित कई लोगों को दोषी पाया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए कानपुर ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवप्रसाद दुबे कई बार सिकंदराराऊ भी आ चुके थे। कोतवाली पुलिस ने उनके घरों पर नोटिस चस्पा कर मुनादी भी कराई थी। रविवार की रात कोतवाली पुलिस ने दल बल के साथ युवराज के घर गांव रतिभानपुर में छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल प्रवेश राना ने बताया कि जब रात को पुलिस पहुंची तो युवराज ने छिपने की कोशिश की। युवराज को ईओडब्ल्यू कानपुर के सुपुर्द करने की तैयारी की जा रही है।
युवराज के साथ ये हैं अन्य आरोपी
सुुरजपाल सिंह निवासी सिकंदराराऊ प्राचार्य होडिल सिंह इंटर कॉलेज, रमेश वर्मा निवासी गांव भिसी मिर्जापुर, प्राचार्य राधा गोविंद महाविद्यालय, अरुण कुमार निवासी गौसगंज, प्राचार्य वनखंडी महाराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गिरीश पाल निवासी पिलगवां, किशन कुमार सिकंदराराऊ, संजय कुमार निवासी भुर्रका, प्रमोद कुमार निवासी नावली, सुनील कुमार निवासी रतिभानुपर, रविंद्र निवासी रतिभानपुर, मणिप्रताप सिंह निवासी शंरपुर, राजकुमार सिंह निवासी मित्तनपुर हाथरस, राजेश कुमार निवासी रतिभानुपर।
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बड़बोलेपन का शिकार बना युवराज
क्षेत्र में दबंगई के चलते अपनी हनक बना चुके युवराज को आखिरकार पुलिस ने दबोच ही लिया। युवराज अपने बड़बोलेपन का शिकार हो गए। उन्होंने पुलिस कोे घर पर होने की बात बता दी थी। जिसका फायदा उठाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को युवराज सिंह ने किसानों के समर्थन में सपा की रैली को लेकर कोतवाली पुलिस से बात की थी। पुलिस ने युवराज को बातों में फांस कर कह दिया कि सोमवार को हल्का-फुल्का कार्यक्रम करना। तुम जहां रहोगे हम वहां ज्ञापन लेने आ जाएंगे। फोन पर बात करने के बाद पुलिस गुपचुप तरीके से दबिश की तैयारी करने लगी। पुलिस को डर था कि पता चल गया तो युवराज फरार हो जाएगा।
एक तीर से पुलिस ने किए दो शिकार
युवराज सिंह की गिरफ्तारी के बाद सपाइयों के मन में डर बैठ गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूर्व से घोषित सपा की किसान रैली में कोई भी नजर नहीं आया। इस तरह पुलिस ने एक तीर से दो शिकार कर दिए। युवराज की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस पूरे दिन सजग रही। सीओ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल प्रवेश राना काफी तादाद में पुलिस बल के साथ पूरे नगर में गश्त करते रहे।
युवराज की गिरफ्तारी से छात्रवृत्ति घोटाले में अन्य आरोपियों की हालत खराब है। उन्हें डर सताने लगा है कि युवराज जैसी बड़ी मछली जाल में फंस गई तो उनकी क्या औकात है।
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करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले में सपा के जिलाध्यक्ष युवराज सिंह यादव को पुलिस ने रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे घर से गिरफ्तार कर लिया। युवराज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सीएचसी में उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया। अब उन्हें ईओडब्ल्यू कानपुर के सुपुर्द किया जाएगा। इस मामले में पुलिस युवराज के भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख रवि यादव को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अभी वे जमानत पर बाहर हैं।
गौरतलब है कि 2006 में युवराज सिंह यादव व अन्य पर फर्जी कागजात तैयार कर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का मामला दर्ज हुआ था। जांच में ईओडब्ल्यू कानपुर ने युवराज सहित कई लोगों को दोषी पाया था। उनकी गिरफ्तारी के लिए कानपुर ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवप्रसाद दुबे कई बार सिकंदराराऊ भी आ चुके थे। कोतवाली पुलिस ने उनके घरों पर नोटिस चस्पा कर मुनादी भी कराई थी। रविवार की रात कोतवाली पुलिस ने दल बल के साथ युवराज के घर गांव रतिभानपुर में छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया। कोतवाल प्रवेश राना ने बताया कि जब रात को पुलिस पहुंची तो युवराज ने छिपने की कोशिश की। युवराज को ईओडब्ल्यू कानपुर के सुपुर्द करने की तैयारी की जा रही है।
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युवराज के साथ ये हैं अन्य आरोपी
सुुरजपाल सिंह निवासी सिकंदराराऊ प्राचार्य होडिल सिंह इंटर कॉलेज, रमेश वर्मा निवासी गांव भिसी मिर्जापुर, प्राचार्य राधा गोविंद महाविद्यालय, अरुण कुमार निवासी गौसगंज, प्राचार्य वनखंडी महाराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गिरीश पाल निवासी पिलगवां, किशन कुमार सिकंदराराऊ, संजय कुमार निवासी भुर्रका, प्रमोद कुमार निवासी नावली, सुनील कुमार निवासी रतिभानुपर, रविंद्र निवासी रतिभानपुर, मणिप्रताप सिंह निवासी शंरपुर, राजकुमार सिंह निवासी मित्तनपुर हाथरस, राजेश कुमार निवासी रतिभानुपर।
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बड़बोलेपन का शिकार बना युवराज
क्षेत्र में दबंगई के चलते अपनी हनक बना चुके युवराज को आखिरकार पुलिस ने दबोच ही लिया। युवराज अपने बड़बोलेपन का शिकार हो गए। उन्होंने पुलिस कोे घर पर होने की बात बता दी थी। जिसका फायदा उठाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
रविवार को युवराज सिंह ने किसानों के समर्थन में सपा की रैली को लेकर कोतवाली पुलिस से बात की थी। पुलिस ने युवराज को बातों में फांस कर कह दिया कि सोमवार को हल्का-फुल्का कार्यक्रम करना। तुम जहां रहोगे हम वहां ज्ञापन लेने आ जाएंगे। फोन पर बात करने के बाद पुलिस गुपचुप तरीके से दबिश की तैयारी करने लगी। पुलिस को डर था कि पता चल गया तो युवराज फरार हो जाएगा।
एक तीर से पुलिस ने किए दो शिकार
युवराज सिंह की गिरफ्तारी के बाद सपाइयों के मन में डर बैठ गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूर्व से घोषित सपा की किसान रैली में कोई भी नजर नहीं आया। इस तरह पुलिस ने एक तीर से दो शिकार कर दिए। युवराज की गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस पूरे दिन सजग रही। सीओ सुरेंद्र सिंह, कोतवाल प्रवेश राना काफी तादाद में पुलिस बल के साथ पूरे नगर में गश्त करते रहे।
युवराज की गिरफ्तारी से छात्रवृत्ति घोटाले में अन्य आरोपियों की हालत खराब है। उन्हें डर सताने लगा है कि युवराज जैसी बड़ी मछली जाल में फंस गई तो उनकी क्या औकात है।