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Hathras News: मनोज हत्याकांड में दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
जिला एवं सत्र न्यायालय के सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय की कोर्ट ने चार साल पुराने चर्चित मनोज कुमार हत्याकांड में मुख्य आरोपी संतोष कुमार उर्फ सनी पाठक को दोषी ठहराया है। अदालत ने संतोष को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सिकंदराराऊ के गांव टीकरी कलां निवासी जितेंद्र ने पिता मनोज कुमार की हत्या होने पर 22 अप्रैल 2018 को कोतवाली हाथरस गेट में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जितेंद्र ने गांव सोखना के रहने वाले संतोष कुमार उर्फ सनी पाठक और उसके पिता स्वदेश कुमार पाठक पर हत्या का आरोप लगाया था। जितेंद्र के अनुसार, पिता इन लोगों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे।
जितेंद्र ने कहा कि गांव में जिस मकान में रह रहे थे, उसे खरीदने का सौदा तय हो गया था। 30 अप्रैल 2022 को बैनामा होना था। इसके लिए रुपये की आवश्यकता था। संतोष पर मनोज के रुपये उधार थे। जितेंद्र का आरोप था कि जब पिता ने रुपये मांगे तो संतोष 27 अप्रैल 2022 को रुपये की व्यवस्था करने के बहाने उन्हें अपने साथ ले गया और सोखना ले जाकर अपने ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने सबूत व गवाहों के आधार पर संतोष को हत्या में दोषी पाया।
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हत्या के साथ इन मामलों में भी सुनाई सजा
हत्या में उसे आजीवन कारावास व 30 हजार अर्थदंड, आयुध अधिनियम की धारा 25 में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 27 में भी तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सिकंदराराऊ के गांव टीकरी कलां निवासी जितेंद्र ने पिता मनोज कुमार की हत्या होने पर 22 अप्रैल 2018 को कोतवाली हाथरस गेट में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जितेंद्र ने गांव सोखना के रहने वाले संतोष कुमार उर्फ सनी पाठक और उसके पिता स्वदेश कुमार पाठक पर हत्या का आरोप लगाया था। जितेंद्र के अनुसार, पिता इन लोगों के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे।
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जितेंद्र ने कहा कि गांव में जिस मकान में रह रहे थे, उसे खरीदने का सौदा तय हो गया था। 30 अप्रैल 2022 को बैनामा होना था। इसके लिए रुपये की आवश्यकता था। संतोष पर मनोज के रुपये उधार थे। जितेंद्र का आरोप था कि जब पिता ने रुपये मांगे तो संतोष 27 अप्रैल 2022 को रुपये की व्यवस्था करने के बहाने उन्हें अपने साथ ले गया और सोखना ले जाकर अपने ही घर में गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने सबूत व गवाहों के आधार पर संतोष को हत्या में दोषी पाया।
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हत्या के साथ इन मामलों में भी सुनाई सजा
हत्या में उसे आजीवन कारावास व 30 हजार अर्थदंड, आयुध अधिनियम की धारा 25 में तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 27 में भी तीन वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।