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Hathras News: तत्कालीन नगर पालिका परिषद हाथरस व 3 कर्मचारियों से होगी वसूली

Tue, 28 Feb 2023 01:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 28 Feb 2023 01:20 AM IST
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Recovery will be done from the then Municipal Council Hathras and 3 employees
नगर पालिका परिषद हाथरस में वाटर एटीएम के नाम पर करोड़ों रुपये के हुए घोटाले में वसूली करने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में शासन ने तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष व तीन अन्य कर्मचारियों पर नगर पालिका परिषद हाथरस की हुई आर्थिक क्षति की वसूली के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर आख्या मांगी है।
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प्रशांत कौशिक ने नगर पालिका परिषद में बिना टेंडर व बिना बोर्ड प्रस्ताव के करोड़ों रुपये का भुगतान अपनी चहेती फर्म को किए जाने की शिकायत की थी। शिकायत के माध्यम से कहा था कि पानी के नाम पर बड़ा घोटाला नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष ने कर्मचारियों की मिली भगत से किया है। इसे लेकर डीएम से लेकर शासन तक शिकायत की गई थी। इस शिकायत में शासन स्तर से तत्कालीन अध्यक्ष से भी पक्ष लिया गया।
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इस पक्ष के परीक्षण के बाद अब शासन स्तर से इस शिकायत में तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष आशीष शर्मा व नगर पालिका परिषद के तीन कर्मचारियों को दोषियों मान लिया गया है। इस मामले में संयुक्त सचिव कल्याण बनर्जी ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि उक्त प्रकरण में नगर पालिका परिषद हाथरस की आर्थिक क्षति का आकलन करते हुए दोषियों के विरुद्घ वसूली का प्रस्ताव शासन को 7 दिन के अंदर भेजा जाए,जिससे कि वसूली की कार्रवाई हो सके।इस मामले में जिलाधिकारी अर्चना वर्मा के निर्देश पर आर्थिक क्षति का आंकलन लगाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। डीएम ने टीम में एडीएम न्यायिक, वरिष्ठ कोषाधिकारी व ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस को नामित कर दिया है।
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इस मामले में शिकायतकर्ता प्रशांत कौशिक का कहना है कि संबधित मामले में धोखाधड़ी कर नगर पालिका को जो आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है, उसमें वसूली के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि आगे भी कोई राजस्व को हानि न पहुंचा सके।
पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि नगर पालिका का काम मूल काम शहर के लोगों को रोशनी, स्वच्छ पानी और सफाई व्यवस्था कराना है। पानी का टेंडर पूरे नियम के अनुसार हुआ। इसे नगर पालिका बोर्ड में भी पारित कराया गया। शहर की जनता को निशुल्क आरओ का पानी उपलब्ध कराया गया। कहीं कोई अनियमितता नहीं बरती गई। किसी भी तरह की कोई वसूली नहीं की गई है। तो फिर कैसे आर्थिक क्षति हो गई। शिकायतकर्ता पहले भी शिकायत करके जांच कराते रहे हैं। सारे आरोप निराधार हैं। फिर यह शिकायतें और आरोप निराधार साबित होंगे।

डीएम के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह टीम दोषियों पर वसूली को लेकर धनराशि का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट देगी। - बसंत अग्रवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
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