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Hathras News: एसी मिस्त्री हत्या खुलासे से खुले कई राज, जेल में साजिश, बाहर अंजाम दे रहे रामू-संतोष

Sun, 09 Jul 2023 12:28 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Updated Sun, 09 Jul 2023 12:28 AM IST
सार

संजय की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता रामू कभी कुख्यात विनोद जाट का ड्राइवर रहा है। विनोद के जेल जाने के बाद उसके इशारे पर रामू और संतोष गैंग की गतिविधियों को चला रहे हैं और साथी प्रॉपर्टी कारोबार में भी दखल बढ़ा रहे हैं।

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AC Mistry murder revelation revealed many secrets
एसी मिस्त्री संजय की हत्या का खुलासा करते एसपी साथ में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसी मिस्त्री संजय की हत्या के मामले खुलासे के बाद और कई खुलासे हुए हैं। पुलिस ने दावा किया है कि जेल में बंद कुख्यात अपराधी विनोद जाट रामू के जरिये प्रॉपर्टी कारोबार में पैसा लगा रहा था और बाईपास पर स्थित एक जमीन पर इनकी नजर थी, जिसे संजय खरीद रहा था। इन्होंने कुछ दिन पहले इस जमीन को नहीं खरीदने के लिए संजय को धमकी भी थी।

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एसी मिस्त्री संजय प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़े थे, इसी दौरान उसका संपर्क विनोद जाट महामौनी गैंग के देवेंद्र व रामू से हुआ और वह इनके साथ मिलकर काम करने लगा। हाथरस ही नहीं आसपास के जिलों में भी इन लोगों का पैसा प्रॉपर्टी में लगा है। यह भी खुलासा हुआ है कि जेल में बंद कुख्यात विनोद जाट रामू के जरिये अपना पैसा प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त में लगा रहा था।
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हालांकि कुछ दिन से संजय की रामू और देवेंद्र के साथ विवाद की बात भी सामने आ रही है। घटना से करीब एक सप्ताह पूर्व संजय को इन सभी पांचों अभियुक्तों ने दुकान पर आकर धमकी भी दी थी और उसे कहा था कि बाईपास पर स्थित जमीन को तुम मत खरीदना। संजय ने इस धमकी को गंभीरता में नहीं लिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद विनोट जाट के कहने पर रामू ने देवेंद्र व संतोष जाट के साथ मिलकर संजय की हत्या की साजिश रची।
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जेल में साजिश, बाहर अंजाम दे रहे रामू और संतोष
संजय की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता रामू कभी कुख्यात विनोद जाट का ड्राइवर रहा है। विनोद के जेल जाने के बाद उसके इशारे पर रामू और संतोष गैंग की गतिविधियों को चला रहे हैं और साथी प्रॉपर्टी कारोबार में भी दखल बढ़ा रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रामू जमीन में विनोद का पैसा लगा रहा है। देवेंद्र जमीन की सौदेबाजी करता और संतोष जाट रामू का साथ देता है। संजय की गोली मारकर हत्या करने के बाद बाइक सवार हत्यारोपी विनोद जाट की गाड़ी से ही देवेंद्र, रामू व संतोष के साथ फरार हुए थे। विनोद जाट का गैंग हाथरस ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों में भी सक्रिय है। पुलिस का मानना है कि संजय की हत्या की साजिश जेल से विनोद के इशारे पर रची गई।

हत्यारोपी गौरव की है महामौनी में ननिहाल
एसी मिस्त्री संजय की मोनिषकांत और गौरव चौधरी ने की थी। संजय पर गोली चलाने वाले एक आरोपी गौरव चौधरी के तार गांव माहामौनी से जुड़े हुए हैं। गौरव चौधरी की ससुराल सहपऊ है। उसकी ननिहाल मुरसान क्षेत्र के गांव महामौनी में है। गौरव यहीं से विनोद गैंग के संपर्क में आया होगा। पुलिस ने मोनिषकांत को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस गौरव चौधरी की सरगर्मी से तलाश कर रही है।


विनोद था सिपाही, 30 मुकदमें हैं दर्ज
विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान उप्र पुलिस का सिपाही था। विनोद जाट 2011 में पुलिस में भर्ती हुआ था।अपराधियों के संपर्क में आकर अपराध करने लगा तो सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद उसने आगरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, मथुरा जैसे जिलों में ताबड़तोड़ अपराधों को अंजाम दिया। वर्तमान में करीब 30 मुकदमें दर्ज हैं।

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