{"_id":"65be7ffb98dbc232960febc9","slug":"rambhadracharya-insisted-on-going-to-hathras-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rambhadracharya: मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है, मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rambhadracharya: मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है, मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है
Sun, 04 Feb 2024 03:34 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 04 Feb 2024 03:34 AM IST
सार
हाथरस के लाड़पुर में रामभद्राचार्य रामकथा कर रहे थे। कथा के अंतिम दिन उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें आगरा भर्ती किया गया। वहां से उन्हें देहरादून भेज दिया गया। आगरा में रामभद्राचार्य ने रामकथा के मुख्य यजमान से कहा कि मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है। मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है।
विज्ञापन
रामभद्राचार्य
- फोटो : संवाद
विस्तार
मुझे हाथरस ले चलो, मेरा स्वास्थ्य सही है। मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषके की कथा करनी है। उनका राज्याभिषेक कराना है। यह बातें स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज ने आगरा में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मुख्य यजमान अजय कुमार गुप्ता से कहीं।
विज्ञापन
2 फरवरी की सुबह वृंदावन जाने के स्वामी राम भद्राचार्य जी महाराज तैयार हुए थे कि अचानक उनको उल्टियां होने लगीं। उन्हें उपचार के लिए शिष्य व यजमान अजय कुमार गुप्ता आगरा के पुष्पाजंलि हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुजी ने इतनी भाव पूर्ण कथा सुनाई है कि सभी श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर कथा सुनी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि आगरा में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जब चिकित्सकों ने कहा कि स्वामी भद्राचार्य जी महाराज स्वस्थ हैं तो स्वामी जी हाथरस आने की जिद करने लगे। स्वामी जी कहने लगे कि मुझे हाथरस ले चलो मुझे प्रभु श्रीराम का राज्याभिषेक करना है। गुरुजी बार-बार हाथरस आने के लिए कह रहे थे। उन्होंने कहा कि वहां पंडाल में श्रद्धालु राम के राज्याभिषेक का इंतजार कर रहे होंगे। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें हाथरस नहीं लाया गया।
विज्ञापन