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प्रधानमंत्री जी! मैं जीना चाहता हूं, मुझे किडनी दिला दो..
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:13 PM IST
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अपने पिता के साथ बालक राकेश।
- फोटो : अमर उजाला
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सादाबाद के एक बच्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। जिंदगी और मौत से लड़ रहे 11 साल के राकेश पुत्र महीपाल सिंह को किडनी की जरूरत है। मां का साया तो पहले ही उसके सिर से उठ चुका है। इलाज में लाखों रुपये खर्च कर चुका मजदूर पिता भी खुद को लाचार महसूस कर रहा है।
बच्चे ने यह लिखा पत्र में
प्रधानमंत्री जी, मैं राकेश जाटव कक्षा 6 प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर सादाबाद (हाथरस) उत्तर प्रदेश का छात्र हूं। मेरे पिताजी मजदूर हैं। मेरी मां नहीं हैं। अभी मेरी उम्र 11 वर्ष है। दो वर्ष पहले मेरी दोनों किडनी खराब हो गई थी। इसके इलाज के लिए पिताजी ने चार बीघा जमीन बेच दी।
अब हमारी स्थिति दयनीय है। मुझे पांचवें दिन डायलसिस के लिए आगरा जाना पड़ता है। बस पकड़ने के लिए गांव से पहले दो किमी तक मुझे पैदल चलना पड़ता है। हर बार डायलसिस में पांच हजार रुपये खर्च होते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अब मैं चंद दिनों का ही हूं। अपने अंतिम समय में मोदी जी आपसे अपने जीवन के लिए गुहार करता हूं। कृपया मेरी मदद करें। मुझे किडनी दिला दीजिये।
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बच्चे ने यह लिखा पत्र में
प्रधानमंत्री जी, मैं राकेश जाटव कक्षा 6 प्राथमिक विद्यालय महमूदपुर सादाबाद (हाथरस) उत्तर प्रदेश का छात्र हूं। मेरे पिताजी मजदूर हैं। मेरी मां नहीं हैं। अभी मेरी उम्र 11 वर्ष है। दो वर्ष पहले मेरी दोनों किडनी खराब हो गई थी। इसके इलाज के लिए पिताजी ने चार बीघा जमीन बेच दी।
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अब हमारी स्थिति दयनीय है। मुझे पांचवें दिन डायलसिस के लिए आगरा जाना पड़ता है। बस पकड़ने के लिए गांव से पहले दो किमी तक मुझे पैदल चलना पड़ता है। हर बार डायलसिस में पांच हजार रुपये खर्च होते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि अब मैं चंद दिनों का ही हूं। अपने अंतिम समय में मोदी जी आपसे अपने जीवन के लिए गुहार करता हूं। कृपया मेरी मदद करें। मुझे किडनी दिला दीजिये।
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