Good News: हाथरस-सादाबाद विकास प्राधिकरण बनाने की तैयारी, विधायक-जिला पंचायत अध्यक्ष मिल चुकी हैं सीएम से
विधायक सदर अंजुला माहौर ने भी इस संबंध में विधान सभा में सवाल उठाया था। उन्होंने बताया कि वह दो माह पहले इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिली थी और उनके विकास प्राधिकरण बनाने की मांग की थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विनियमित क्षेत्र को समाप्त कर हाथरस जिले में हाथरस सादाबाद विकास प्राधिकरण बनाने की तैयारी तेज हो गई है। विधायक सदर और जिला पंचायत अध्यक्ष इसे लेकर मुख्यमंत्री से मिल चुकी है। जिला प्रशासन इस संबंध में आवास और शहरी नियोजन विभाग को स्मरण पत्र (रिमाइंडर) भेज रहा है।
जिले का सृजन हुए करीब 28 साल हो गए हैं। इस दौरान जिले की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है। हाथरस नगर पालिका का सीमा विस्तार हो गया है। एक साल पहले जिला प्रशासन ने हाथरस, सादाबाद, सासनी और मुरसान शहरी क्षेत्र के साथ-साथ 189 गांवों को शामिल करते हुए विकास प्राधिरकरण बनाने का प्रस्ताव भेजा था। इसमें नगरीय क्षेत्र से बाहर वाले गांवों की राजस्व विभाग से अधिसूचित कराया जाएगा।
विधायक सदर अंजुला माहौर ने भी इस संबंध में विधान सभा में सवाल उठाया था। उन्होंने बताया कि वह दो माह पहले इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिली थी और उनके विकास प्राधिकरण बनाने की मांग की थी। हाथरस में जल्द विकास प्राधिकरण का गठन होने जा रहा है। इसी मांग के समर्थन में पांच दिन पहले जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय भी मुख्यमंत्री से मिली थी।
हाथरस-सादाबाद को विकास प्राधिकरण बनाए जाने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस प्रस्ताव के तहत सर्वे शासन की ओर से कराया जाना है। इस संबंध में स्मरण पत्र भी भेजा जा रहा है।- डॉ बसंत अग्रवाल, एडीएम
दो राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण से तेज हुई विकास की रफ्तार
आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग का निर्माण पहले ही हो चुका है। मथुरा-बरेली राजमार्ग का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। सादाबाद क्षेत्र के पास से यमुना एक्सप्रेस वे गुजर रहा है और इसे अलीगढ़ मार्ग से जोड़ने वाला खंदौली कट भी कुछ दूरी पर है। ऐसे में हाथरस सादाबाद विकास प्राधिकरण बनने से इस क्षेत्र का विकास और तेज होगा।
नक्शा पास कराने के लिए नहीं काटने होंगे विभागों के चक्कर
विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बाजारों के सृजन, आवासीय प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा। नक्शा पास कराने के लिए लोगों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।