प्रधान को मिली नन्हीं परी, 25 बीघा खेत करेंगे नाम
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हाथरस। भले ही भ्रूण हत्या वाले प्रदेश के टॉप टेन जनपदों में जिले का नाम शामिल हो, लेकिन चंदपा के प्रधान ने एक बेटी को न केवल अपनाकर बल्कि उसके नाम अपनी आधी संपत्ति करने का ऐलान कर यह जता दिया कि जिले में बेटियों को चाहने वालों की कमी नहीं है।
चार दिन पहले शुक्रवार को अलीगढ़ रोड पर एक बैग में बंद मिली थी। सोमवार को नवजात नन्ही परी की किस्मत का फैसला हो गया। तमाम निसंतान दंपतियों को झटका देते हुए जिला प्रशासन ने बच्ची को चंदपा प्रधान सुकांत शर्मा के सुपुर्द कर दिया। सुकांत शर्मा ने साक्षात्कार के दौरान अपना कुल 50 बीघा का आधा 25 बीघा खेत बच्ची के नाम करने और तीन लाख रुपये की एफडी करने का भरोसा अधिकारियों को दिलाया।
सुकांत शर्मा और उनकी पत्नी दीपा शर्मा ने बच्ची को मिलने के बाद खुशी जताते हुए कहा कि उनके घर लक्ष्मी आई है। जिस बेटी को उसके असल मां-बाप ने ठुकरा दिया था, उसे इन मां-बापाें ने पलकों पर बिठा लिया। सुकांत ने बताया कि साक्षात्कार के बाद अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर पूरी जांच-पड़ताल की और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही यह निर्णय लिया।
सुकांत शर्मा निसंतान नहीं हैं। उनके एक तीन साल का बेटा है, लेकिन उन्हें एक बेटी भी चाहिए थी। डॉक्टरों के मुताबिक सुकांत शर्मा की पत्नी को अब संतान नहीं हो सकती, इसलिए उनकी यह मुराद पूरी होती नहीं दिख रही थी। बीते शुक्रवार को नन्हीं परी के मिलने से उनकी उम्मीदों को फिर पंख लग गए। बच्ची को गोद लेने के लिए उन्होंने पूरी ताकत लगा दी। बच्ची की सुपुर्दगी से पहले अधिकारियाें ने भी काफी कसरत की। बच्ची को लेने के लिए 20 से ज्यादा आवेदन अधिकारियाें पर पहुंचे और सभी ने साक्षात्कार देकर यह साफ किया कि उन्हें इस नन्ही परी की सबसे ज्यादा जरूरत है, और वह देखभाल में कभी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आवेदन करने वालों में कई संपन्न लोग थे। अधिकारियों के लिए यह फैसला आसान नहीं था, इसलिए निर्णय करने में तीन दिन का समय लग गया। तब तक हाथरस गेट पुलिस की अभिरक्षा में बच्ची को रखा गया।