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Hathras: सीजेएम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को लगाई फटकार, आदेश की अवहेलना पर थाना प्रभारी-विवेचक तलब
Sat, 09 May 2026 11:18 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 09 May 2026 11:18 AM IST
सार
अदालत ने कोतवाली हाथरस गेट पुलिस से आख्या मांगी थी। अदालत ने पाया कि विवेचक द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई, उसे बिना जांचे-परखे आगे बढ़ा दिया गया है। अदालत के आदेश में कहा गया है कि रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं होता कि अब तक की विवेचना में क्या साक्ष्य संकलित किए गए हैं।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
हाथरस के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में पुलिस द्वारा प्रस्तुत प्रगति आख्या को भ्रामक और अस्पष्ट पाते हुए पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने थाना हाथरस गेट के प्रभारी निरीक्षक और मामले के विवेचक को 12 मई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
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नगला भूरा निवासी भगवती प्रसाद ने तमना गढ़ी निवासी बनवारीलाल, सौरभ दुबे व कासिम निवासी लखनऊ के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि तीनों ने बेटे भानु प्रताप और बेटी को ग्रामीण खाद एवं बीज सहकारी केंद्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5.37 लाख रुपये हड़प लिए। दोनों के नाम पर फर्जी और कूटरचित नियुक्ति पत्र भी दे दिया था। इस मामले के वादी भगवती प्रसाद ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर विवेचना की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी।
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अदालत ने कोतवाली हाथरस गेट पुलिस से आख्या मांगी थी। अदालत ने पाया कि विवेचक द्वारा जो रिपोर्ट भेजी गई, उसे बिना जांचे-परखे आगे बढ़ा दिया गया है। अदालत के आदेश में कहा गया है कि रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं होता कि अब तक की विवेचना में क्या साक्ष्य संकलित किए गए हैं। अदालत ने इसे घोर लापरवाही और अदालती आदेशों के प्रति संवेदनहीनता करार दिया है।
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