{"_id":"6a35b034fd0887625f0f5836","slug":"pearl-millet-arrives-in-the-market-prices-lower-than-last-year-hathras-news-c-56-1-sali1016-150207-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: मंडी में बाजरा की दस्तक, दाम पिछले साल से कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: मंडी में बाजरा की दस्तक, दाम पिछले साल से कम
Sat, 20 Jun 2026 02:40 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 20 Jun 2026 02:40 AM IST
विज्ञापन
मंडी समिति में होती बाजरा की तौल। संवाद
- फोटो : Samvad
जिले की कृषि उपज मंडी समिति हाथरस में नए बाजरा की आवक शुरू हो गई है। शुरुआत में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। मंडी में 1200 रुपये से लेकर 1800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है, जबकि पिछले साल करीब दो हजार रुपये क्विंटल तक बिका था।
मंडी समिति में पिछले दो-तीन दिनों से ग्रामीण अंचल से बाजरा लादकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने लगी हैं। मंडी परिसर में नई फसल आने से व्यापारिक गतिविधियां तो तेज हुई हैं, लेकिन दाम सुनते ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
डीजल, खाद, बीज और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के बीच 1200 से 1800 रुपये का भाव बेहद कम है। इस रेट पर फसल बेचने से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
-गंगाधर सिंह, किसान, भकरोई
कम दाम मिलने का यह है कारण
मंडी के व्यापारी कुलदीप का कहना है कि इस बार फसल की कटाई और मड़ाई के समय मौसम खराब होने और सही ढंग से न सुखाए जाने के कारण बाजरा में नमी बहुत ज्यादा है। अधिक नमी वाले बाजरे को लंबे समय तक स्टोर नहीं किया जा सकता, जिससे इसके खराब होने का खतरा रहता है। यही वजह है कि व्यापारी ऊंचे दामों पर दांव लगाने से कतरा रहे हैं। जैसे ही पूरी तरह सूखा और साफ बाजरा मंडी में आएगा, कीमतों में सुधार होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
हाथरस मंडी में बाजरे की स्थिति पर एक नज़र
कुल रकबा : जिले में बाजरा की खेती का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर है।
दैनिक आवक : वर्तमान में मंडी में प्रतिदिन छह हजार क्विंटल बाजरा की हो रही आवक।
वर्तमान भाव : गुणवत्ता और नमी के आधार पर 1200 रुपये से 1800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा बाजरा।
आने वाले दिनों में जब फसल पूरी तरह सूखकर मंडी में पहुंचेगी, तब बाजार में स्थिरता आने और किसानों को बेहतर दाम मिलने की पूरी संभावना है। अब तक करीब 20 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में आ चुका है।
-अनिल कुमार चौधरी, मंडी सचिव
विज्ञापन
मंडी समिति में पिछले दो-तीन दिनों से ग्रामीण अंचल से बाजरा लादकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने लगी हैं। मंडी परिसर में नई फसल आने से व्यापारिक गतिविधियां तो तेज हुई हैं, लेकिन दाम सुनते ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
विज्ञापन
डीजल, खाद, बीज और मजदूरी की बढ़ती कीमतों के बीच 1200 से 1800 रुपये का भाव बेहद कम है। इस रेट पर फसल बेचने से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
-गंगाधर सिंह, किसान, भकरोई
कम दाम मिलने का यह है कारण
मंडी के व्यापारी कुलदीप का कहना है कि इस बार फसल की कटाई और मड़ाई के समय मौसम खराब होने और सही ढंग से न सुखाए जाने के कारण बाजरा में नमी बहुत ज्यादा है। अधिक नमी वाले बाजरे को लंबे समय तक स्टोर नहीं किया जा सकता, जिससे इसके खराब होने का खतरा रहता है। यही वजह है कि व्यापारी ऊंचे दामों पर दांव लगाने से कतरा रहे हैं। जैसे ही पूरी तरह सूखा और साफ बाजरा मंडी में आएगा, कीमतों में सुधार होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
हाथरस मंडी में बाजरे की स्थिति पर एक नज़र
कुल रकबा : जिले में बाजरा की खेती का रकबा करीब पांच हजार हेक्टेयर है।
दैनिक आवक : वर्तमान में मंडी में प्रतिदिन छह हजार क्विंटल बाजरा की हो रही आवक।
वर्तमान भाव : गुणवत्ता और नमी के आधार पर 1200 रुपये से 1800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा बाजरा।
आने वाले दिनों में जब फसल पूरी तरह सूखकर मंडी में पहुंचेगी, तब बाजार में स्थिरता आने और किसानों को बेहतर दाम मिलने की पूरी संभावना है। अब तक करीब 20 हजार क्विंटल बाजरा मंडी में आ चुका है।
-अनिल कुमार चौधरी, मंडी सचिव