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Hathras News: बवाल के बाद नगला महासुख में शांति, पटरी पर लौटी दिनचर्या

Fri, 19 May 2023 12:31 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Fri, 19 May 2023 12:31 AM IST
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Peace in Nagla Mahasukh after uproar, routine back on track
गांव नगला महासुख में मंगलवार को दो पक्षों में हुए झगड़े के बाद अब गांव में शांति लौटने लगी है। बृहस्पतिवार को सभी लोग रोज की तरह अपने कार्याें में व्यस्त नजर आए। उनका कहना है कि उनके गांव में किसी प्रकार की आपसी रंजिश नहीं है। सभी भाईचारे से रहते हैं और शादी-विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों में हमेशा एक-दूसरे की मदद करते आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहर के युवकों ने गांव में आकर यहां के अमन-चैन को पलीता लगाया है।
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उल्लेखनीय है कि गांव के एक पक्ष के लोगों ने सम्राट पृथ्वीराज चौहान की जयंती मनाने के लिए सोमवार को उनके नाम का एक बोर्ड बनवाया था। उसी रात किसी शरारती तत्व ने बोर्ड को उखाड़कर फेंक दिया। इसके बाद बोर्ड लगाने वाले पक्ष के लोगों में आक्रोश पनप गया। मंगलवार को दोनों वर्गाें के मध्य हुए समझौते में बोर्ड बनवाने के साथ गांव में पृथ्वीराज चौहान की शोभायात्रा निकलने पर सहमति बन गई। सहमति के अनुसार शोभायात्रा भी शांतिपूर्वक निकल गई। इसके बाद चार बाइकों पर आए कुछ युवक दूसरे पक्ष के लोगों से उलझ गए।
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पुलिस के आते ही यह लोग बाइक छोड़कर भाग गए। इस दौरान गांव में पथराव भी हुआ था। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 10 लोगों को हिरासत में लिया था। बुधवार को एसडीएम और सीओ ने कोतवाली परिसर में दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों के साथ बैठक कर शांति बहाली की अपील की। हिरासत में लिए गए दोनों पक्षों के लोगों को मुचलका भरवाकर छोड़ दिया गया। गांव के लोगों का कहना है कि गांव को राजनीति का अखाड़ा न बनाया जाए। गांव में अभी एहतियातन पुलिस बल तैनात है। संवाद
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गांव में सभी एक-दूसरे की मदद करते आए हैं। कभी किसी में रंजिश नहीं है, लेकिन पता नहीं मंगलवार का दिन गांव के लिए ही शुभ नहीं था। गांव में दूसरों ने आकर मारपीट की है।
-लीलावती



हमारे पूर्वजों में कभी आपस में कोई रंजिश नहीं थी। बाहरी शरारती तत्व हमें आपस में लड़ाकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं। ऐसा नहीं हो सकता।
- नागेंद्र सिंह




गांव के अधिकांश युवा बाहर नौकरी करते हैं। उनको गांव की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। गांव में रह रहे अन्य युवक नौकरी की तैयारी कर रहे। यह काम बाहर के लोगों का है।

-कंचन सिंह




जिस स्थान पर झगड़ा हुआ, वह हमारे गांव से काफी दूर है। इस गांव में सभी लोग अमन चाहते हैं और हमेशा अपने कामों में व्यस्त रहते हैं। अब गांव में पूरी तरह से शांति है।
-मनवीर सिंह
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