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कोर्ट के आदेश पर खुला कुर्क गेस्टहाउस का ताला
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:37 PM IST
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गेस्ट हाउस
- फोटो : Amar Ujala
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सट्टे के गोरखधंधे के आरोपी चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा की पत्नी मीनू गुप्ता के मेंडू रोड स्थिल लखन किशन गेस्ट हाउस का ताला रविवार को प्रशासन ने खोल दिया। अप्रैल 2016 में गैंगस्टर लगने के बाद प्रशासन ने चतुरा की कमाई से अर्जित 35 करोड़ की लागत की संपत्ति को इस साल 16 जून को कुर्क कर दिया था। इसे लेकर चतुरा की पत्नी मीनू गुप्ता ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
मीनू गुप्ता ने कहा था कि कुर्क की गई संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनके नाम है। प्रशासन ने इसकी जानकारी होते हुए भी उनकी संपत्ति को भी कुर्क कर दिया। हाईकोर्ट ने मीनू गुप्ता की संपत्ति की जब्तीकरण को गलत बताया और अधिकारियों को इसे रिलीज करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर भी अधिकारियों ने अमल नहीं किया तो मीनू गुप्ता ने फिर हाईकोर्ट की गुहार लगाई और इसे कोर्ट की अवमानना बताया। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए 25 अक्तूबर को डीएम को इस संबंध में जवाब देने को कहा। इससे पहले ही प्रशासन ने रविवार को कुर्क गेस्ट हाउस का ताला खोल दिया।
इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गेस्ट हाउस में कई घंटे तक नापतोल की और चतुरा के मालिकाना हक वाले एक हिस्से को चिह्नित करने के बाद उस हिस्से को रस्सी बांधकर अलग कर दिया। यहां बल्लियां भी लगा दी गईं हैं। मीनू गुप्ता का पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता अजय भारद्वाज ने बताया कि चतुरा गेस्ट हाउस के बहुत छोटे हिस्से का मालिक है। जिस संपत्ति को रस्सी बांधकर चतुरा का मानते हुए कुर्क रखा गया है, उसमें भी चतुरा के भाई और दूसरे परिजनों की संपत्ति शामिल है। इसे लेकर वह फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसे लेकर एसडीएम सदर अमिताभ यादव का कहना है कि कोर्ट ने केवल मीनू गुप्ता की संपत्ति को रिलीज करने का आदेश दिया है। कुल संपत्ति में चतुरा की संपत्ति 1/7 है।
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चूंकि संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ है, इसलिए कोर्ट के माध्यम से मीनू गुप्ता से यह पूछा गया था कि वह बताएं कि कुल संपत्ति में चतुरा के हिस्से वाली संपत्ति कौन सी है। इस पर उन्होंने कुछ नहीं बताया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर नक्शा तैयार कर संपत्ति का 1/7 हिस्सा चतुरा का मानते हुए कुर्क रखा गया है। मीनू गुप्ता के हिस्से को रिलीज कर दिया गया है।
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मीनू गुप्ता ने कहा था कि कुर्क की गई संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनके नाम है। प्रशासन ने इसकी जानकारी होते हुए भी उनकी संपत्ति को भी कुर्क कर दिया। हाईकोर्ट ने मीनू गुप्ता की संपत्ति की जब्तीकरण को गलत बताया और अधिकारियों को इसे रिलीज करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट के आदेश पर भी अधिकारियों ने अमल नहीं किया तो मीनू गुप्ता ने फिर हाईकोर्ट की गुहार लगाई और इसे कोर्ट की अवमानना बताया। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए 25 अक्तूबर को डीएम को इस संबंध में जवाब देने को कहा। इससे पहले ही प्रशासन ने रविवार को कुर्क गेस्ट हाउस का ताला खोल दिया।
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इस दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गेस्ट हाउस में कई घंटे तक नापतोल की और चतुरा के मालिकाना हक वाले एक हिस्से को चिह्नित करने के बाद उस हिस्से को रस्सी बांधकर अलग कर दिया। यहां बल्लियां भी लगा दी गईं हैं। मीनू गुप्ता का पक्ष रखते हुए उनके अधिवक्ता अजय भारद्वाज ने बताया कि चतुरा गेस्ट हाउस के बहुत छोटे हिस्से का मालिक है। जिस संपत्ति को रस्सी बांधकर चतुरा का मानते हुए कुर्क रखा गया है, उसमें भी चतुरा के भाई और दूसरे परिजनों की संपत्ति शामिल है। इसे लेकर वह फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। इसे लेकर एसडीएम सदर अमिताभ यादव का कहना है कि कोर्ट ने केवल मीनू गुप्ता की संपत्ति को रिलीज करने का आदेश दिया है। कुल संपत्ति में चतुरा की संपत्ति 1/7 है।
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चूंकि संपत्ति का बंटवारा नहीं हुआ है, इसलिए कोर्ट के माध्यम से मीनू गुप्ता से यह पूछा गया था कि वह बताएं कि कुल संपत्ति में चतुरा के हिस्से वाली संपत्ति कौन सी है। इस पर उन्होंने कुछ नहीं बताया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर नक्शा तैयार कर संपत्ति का 1/7 हिस्सा चतुरा का मानते हुए कुर्क रखा गया है। मीनू गुप्ता के हिस्से को रिलीज कर दिया गया है।