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नर्मदेश्वर रूपी गोपेश्वर महादेव: हाथरस में 160 सालों से हैं विराजमान, कश्मीर से हाथरस लाया गया था शिवलिंग
Sat, 22 Feb 2025 04:27 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 22 Feb 2025 04:27 PM IST
सार
कश्मीर के एक व्यक्ति को स्वप्न आया कि गोपेश्वर महादेव की सेवा तो हाथरस के सेठ गोपीनाथ गुड़िहा को करनी है। तब उसने शिवलिंग को वापस किया।
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बागला कॉलेज रोड स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हाथरस शहर के बागला कॉलेज रोड स्थित गोपेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना करीब 160 साल पहले हुई थी। यहां के शिवलिंग नर्मदेश्वर हैं। इस मंदिर की अपनी अलग मान्यता है। महाशिवरात्रि पर यहां रात के चारों प्रहर में महादेव का अभिषेक किया जाता है।
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लोक मान्यता है कि यहां के शिवलिंग अवतरित हैं, जिसे यहां से ले जाया गया था। लेकिन कश्मीर के एक व्यक्ति को स्वप्न आया कि उनकी सेवा तो हाथरस के सेठ गोपीनाथ गुड़िहा को करनी है। तब उसने शिवलिंग को वापस किया। सेठ गोपीनाथ गुड़िहा ने मंदिर की स्थापना की। इस शिवलिंग की ऊंचाई करीब 6.5 फीट है, जितना ऊपर है, उतना ही जमीन के नीचे है।
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इस मंदिर की दूर-दराज तक मान्यता है। महाशिवरात्रि पर यहां धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। महादेव का भव्य शृंगार किया जाएगा।रात के चारों प्रहर में अभिषेक का विशेष आयोजन किया जाता है। हमारी पांचवी पीढ़ी इस मंदिर की सेवा कर रही है।-पं. प्रदीप भारद्वाज, पुजारी।
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