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Hathras News: अनियमितता में मोहब्बतपुरा के प्रधान के अधिकार सीज
Sat, 25 Apr 2026 02:22 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:22 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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विकास खंड हाथरस की ग्राम पंचायत मोहब्ब्तपुरा के ग्राम प्रधान राजकुमार पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सिद्ध होने के बाद उनके समस्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए गए हैं।
ग्राम पंचायत मोहब्ब्तपुरा के निवासी अंकित कुमार और श्यामवीर सिंह ने प्रधान और सचिव के खिलाफ विकास कार्यों में धांधली की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रधान और सचिव ने मिलकर 1,83,302 रुपये की वित्तीय अनियमितता की है। इसकी पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने प्रधान को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन 25 मार्च को दिया गया उनका स्पष्टीकरण साक्ष्य विहीन और असंतोषजनक पाया गया।
डीएम अतुल वत्स ने कहा है कि प्रधान राजकुमार अब अंतिम जांच पूरी होने तक किसी भी सरकारी धन का आहरण नहीं कर सकेंगे और न हीं प्रशासनिक निर्णय ले सकेंगे। गांव के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
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प्रकरण की गहराई से जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को तकनीकी अधिकारी नामित किया गया है। इन्हें 15 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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ग्राम पंचायत मोहब्ब्तपुरा के निवासी अंकित कुमार और श्यामवीर सिंह ने प्रधान और सचिव के खिलाफ विकास कार्यों में धांधली की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रधान और सचिव ने मिलकर 1,83,302 रुपये की वित्तीय अनियमितता की है। इसकी पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने प्रधान को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन 25 मार्च को दिया गया उनका स्पष्टीकरण साक्ष्य विहीन और असंतोषजनक पाया गया।
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डीएम अतुल वत्स ने कहा है कि प्रधान राजकुमार अब अंतिम जांच पूरी होने तक किसी भी सरकारी धन का आहरण नहीं कर सकेंगे और न हीं प्रशासनिक निर्णय ले सकेंगे। गांव के विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा।
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प्रकरण की गहराई से जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को तकनीकी अधिकारी नामित किया गया है। इन्हें 15 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।