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मनरेगा में पिछड़ा हाथरस, सभी बीडीओ का वेतन रोका
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:37 PM IST
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मनरेगा
- फोटो : यमुनानगर
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मनरेगा में खराब प्रगति के कारण हाथरस जनपद प्रदेश के सर्वाधिक 10 खराब जनपदों में शामिल हो गया है। इस लापरवाही के कारण जिले के सभी खंड विकास अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। सीडीओ ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं।
सीडीओ जावेद अख्तर जैदी ने जिले सभी खंड विकास अधिकारियों को जारी किए गए पत्र में कहा है कि मनरेगा के अंतर्गत वर्ष 2017-18 की समीक्षा आयुक्त, ग्राम्य विकास उप्र लखनऊ द्वारा की गई। इसके द्वारा योजना के लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवसों के सृजन की कम प्रगति के कारण प्रदेश के सर्वाधिक 10 खराब जनपदों में हाथरस जनपद भी शामिल है।
इस प्रकार मजदूरी का बिलंब से भुगतान किए जाने में भी जनपद हाथरस की प्रगति खराब रही है। जीओ टेगिंग में भी जनपद की स्थिति अत्यंत खराब होने पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए प्रगति में सुधार लाने के निर्देश डीएम को दिए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि यह स्थिति खंड विकास अधिकारियों के शिथिल नियंत्रण और योजना के अंतर्गत पर्याप्त रुचि न लिए जाने के कारण उत्पन्न हुई है।
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वर्तमान में भी योजना की प्रगति बढ़ाए जाने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। सीडीओ ने इस खराब प्रगति के कारण जुलाई 2017 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। यह भी निर्देश दिए हैं कि उपरोक्त बैक लॉग को इसी माह के अंत तक पूर्ण करते हुए योजना के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित की जाए। यदि निर्धारित अवधि के अंदर लक्ष्य के सापेक्ष प्र्रगति सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं तो कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसके लिए खंड विकास अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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सीडीओ जावेद अख्तर जैदी ने जिले सभी खंड विकास अधिकारियों को जारी किए गए पत्र में कहा है कि मनरेगा के अंतर्गत वर्ष 2017-18 की समीक्षा आयुक्त, ग्राम्य विकास उप्र लखनऊ द्वारा की गई। इसके द्वारा योजना के लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवसों के सृजन की कम प्रगति के कारण प्रदेश के सर्वाधिक 10 खराब जनपदों में हाथरस जनपद भी शामिल है।
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इस प्रकार मजदूरी का बिलंब से भुगतान किए जाने में भी जनपद हाथरस की प्रगति खराब रही है। जीओ टेगिंग में भी जनपद की स्थिति अत्यंत खराब होने पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए प्रगति में सुधार लाने के निर्देश डीएम को दिए गए हैं। सीडीओ ने कहा कि यह स्थिति खंड विकास अधिकारियों के शिथिल नियंत्रण और योजना के अंतर्गत पर्याप्त रुचि न लिए जाने के कारण उत्पन्न हुई है।
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वर्तमान में भी योजना की प्रगति बढ़ाए जाने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। सीडीओ ने इस खराब प्रगति के कारण जुलाई 2017 का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। यह भी निर्देश दिए हैं कि उपरोक्त बैक लॉग को इसी माह के अंत तक पूर्ण करते हुए योजना के लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित की जाए। यदि निर्धारित अवधि के अंदर लक्ष्य के सापेक्ष प्र्रगति सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं तो कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, जिसके लिए खंड विकास अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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