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Hathras News: महाराणा प्रताप की शोभायात्रा रोकी, छह घंटे चला हंगामा
Sun, 10 May 2026 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 10 May 2026 01:33 AM IST
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गांव कुकरगवां में महाराणा प्रताप की रैली रोकने पर जमा भीड़ और मौके पर तैनात पुलिस बल। संवाद
- फोटो : Samvad
क्षेत्र के गांव कुकरगवां में महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा नहीं निकाली जा सकी। नई परिपाटी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इस नए आयोजन को अनुमति नहीं दी, जिससे लोग आक्रोशित हो गए और मौके पर आसपास के कई गांवों के लोगों की भीड़ जुटने लगी। करीब छह घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद लोग माने और शोभायात्रा स्थगित की गई।
इस दौरान कुकरगवां और रैली के प्रस्तावित मार्ग में पड़ने वाले गांवों में शाम तक पुलिस बल तैनात रहा। बाद में नगला भुस स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर स्थित प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उनको नमन किया गया। स्थानीय लोगों ने महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी।
रैली कोंकना कलां, रसगवां, चिंतागढ़ी, वीर नगर, राजनगर, शहबाजपुर, हसनपुर बारू गांवों से नगला भुस चौराहा पहुंचनी थी, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसका समापन होना था। पुलिस ने रसगवां गांव को इससे अलग कर दिया था, इसके साथ ही शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना भी व्यक्त की थी, इसलिए अनुमति नहीं दी गई।
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इसके बावजूद शनिवार की सुबह करीब 10 बजे कुछ युवकों ने शोभायात्रा निकालने के प्रयास किए। इस सूचना पर वहां काफी पुलिस बल पहुंच गया और इन युवकों को शोभायात्रा निकालने से रोक दिया, जिससे पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और अन्य गांवों के लोग भी कुकरगवां पहुंचने लगे, जिससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
भीड़ जुटने की सूचना पर एसडीएम मनीष चौधरी और सीओ जेएन अस्थाना पुलिस बल के साथ पहुंच गए। जिस रास्ते से शोभायात्रा निकाली जानी थी, वहां पर भी पुलिस तैनात कर दी गई। सादाबाद के पूर्व विधायक प्रताप चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम एवं सीओ काफी देर तक लोगों को समझाते रहे। अंत में दोपहर करीब दो बजे स्थानीय लोग मान गए और शोभायात्रा नहीं निकाली गई।
सभी ने नगला भुस के महाराणा प्रताप चौराहे पर स्थिति प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और वापस चले गए। शाम तक पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम सादाबाद मनीष चौधरी का कहना है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार की शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। प्रशासन गांव में लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
आंबेडकर शोभायात्रा निकालने पर भी हुई थी जद्दोजहद
इससे पहले 14 अप्रैल को गांव रसगवां में युवाओं ने आंबेडकर जयंती पर शोभायात्रा निकालने की तैयारी की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी थी। इसे लेकर भी ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी जद्दोजहद हुई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से प्रशासन ने महाराणा प्रताप जयंती पर होने वाले इस आयोजन की भी अनुमति नहीं दी।
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इस दौरान कुकरगवां और रैली के प्रस्तावित मार्ग में पड़ने वाले गांवों में शाम तक पुलिस बल तैनात रहा। बाद में नगला भुस स्थित महाराणा प्रताप चौराहे पर स्थित प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उनको नमन किया गया। स्थानीय लोगों ने महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी।
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रैली कोंकना कलां, रसगवां, चिंतागढ़ी, वीर नगर, राजनगर, शहबाजपुर, हसनपुर बारू गांवों से नगला भुस चौराहा पहुंचनी थी, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर इसका समापन होना था। पुलिस ने रसगवां गांव को इससे अलग कर दिया था, इसके साथ ही शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना भी व्यक्त की थी, इसलिए अनुमति नहीं दी गई।
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इसके बावजूद शनिवार की सुबह करीब 10 बजे कुछ युवकों ने शोभायात्रा निकालने के प्रयास किए। इस सूचना पर वहां काफी पुलिस बल पहुंच गया और इन युवकों को शोभायात्रा निकालने से रोक दिया, जिससे पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और अन्य गांवों के लोग भी कुकरगवां पहुंचने लगे, जिससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
भीड़ जुटने की सूचना पर एसडीएम मनीष चौधरी और सीओ जेएन अस्थाना पुलिस बल के साथ पहुंच गए। जिस रास्ते से शोभायात्रा निकाली जानी थी, वहां पर भी पुलिस तैनात कर दी गई। सादाबाद के पूर्व विधायक प्रताप चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम एवं सीओ काफी देर तक लोगों को समझाते रहे। अंत में दोपहर करीब दो बजे स्थानीय लोग मान गए और शोभायात्रा नहीं निकाली गई।
सभी ने नगला भुस के महाराणा प्रताप चौराहे पर स्थिति प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और वापस चले गए। शाम तक पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम सादाबाद मनीष चौधरी का कहना है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार की शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। प्रशासन गांव में लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
आंबेडकर शोभायात्रा निकालने पर भी हुई थी जद्दोजहद
इससे पहले 14 अप्रैल को गांव रसगवां में युवाओं ने आंबेडकर जयंती पर शोभायात्रा निकालने की तैयारी की थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी थी। इसे लेकर भी ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी जद्दोजहद हुई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से प्रशासन ने महाराणा प्रताप जयंती पर होने वाले इस आयोजन की भी अनुमति नहीं दी।