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बुखार से हाहाकार, स्वास्थ्य सेवाएं लाचार
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:00 AM IST
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हाथरस। जिले के कई गांवों में तेजी से पांव पसार चुके बुखार ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। हाल यह है पिछले एक पखवाड़े में हजारों लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। कई-कई दिन बाद भी यह बीमारी लोगों का पीछा नहीं छोड़ रही। इस बीमारी ने गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
जिला अस्पताल से लेकर ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं नदारद होने से अधिकांश मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों का रुख किया
है। जहां अस्सी फीसदी मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मलेरिया और तेज बुखार के इन मरीजों को लेकर अब तक स्वास्थ्य महकमे ने दवा बांटने के अलावा और कोई कार्ययोजना नहीं बनाई है। अफसरों की उदासीनता से ग्रामीण क्षेत्र में वायरल फीवर और मलेरिया कहर बरपा रहा है। सादाबाद के गांव गढ़ उमराव, बघैना और टीकैत में तेजी से बुखार के फैलने का उदाहरण भी सामने आ चुके हैं। परिवार सहित लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
इस कारण भी फैल रहा वायरल फीवर
बारिश के मौसम में बुखार की बीमारी तेजी से फैलती है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद गांव-गांव में निकासी नहीं होने के कारण कई जगह जलभराव हो गया है, जिससे आबादी के बीच भरे पानी में मच्छर पैदा हो गए हैं। यही नहीं, हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है। इस वजह से भी संक्रामक बीमारियों के फैलने में तेजी आ गई है।
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दो साल से नहीं हुआ डीडीटी का छिड़काव
दो साल से जिले में डीडीटी का ही छिड़काव नहीं हुआ। मलेरिया विभाग द्वारा कई बार शासन को डीडीटी की डिमांड भेजी गई है, लेकिन इसके वाबजूद अभी तक जिले में डीडीटी नहीं आ पाई है, जिससे विभाग अति संवेदनशील इलाकों में इस दवा का छिड़काव भी नहीं करा सका है।
कागजों पर चल रहे कंट्रोल रूम
अगर किसी भी गांव में संक्रामक रोग महामारी की तरह फैंलें तो इसके लिए विभाग ने सीएचसी स्तर पर कंट्रोल रूम भी बना रखे हैं, लेकिन यह कंट्रोल रूम कागजों पर ही चल रहे हैं। हकीकत में स्थिति यह है कि इन कंट्रोल रूम का नंबर तक लोगों को नहीं मालूम। तो ऐसे में कैसे इन कंट्रोल रूम तक रोग फैलने की सूचना पहुंचेगी और कैसे समय से बीमारियों पर कंट्रोल हो पाएगा।
निजी अस्पतालों में मरीजों की लूट
हाथरस। डॉक्टरों की कमी के चलते सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल को ही देखें तो यहां एक चिकित्सक के कमरे के बाहर सुबह से दोपहर सैकड़ों मरीजों की भीड़ लगी रहती है। एक दिन में लगभग 800 से 900 मरीज यहां आते हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों का मोह भंग हो रहा है। तत्काल चिकित्सा सुविधा के नाम पर पीड़ित लोग प्राइवेट चिकित्सालयों में महंगी जांच और महंगे इलाज के नाम पर लुट रहे हैं।
- सादाबाद क्षेत्र में गांव-गांव से वायरल फीवर फैलने की सूचना आ रही है। जहां से भी सूचना मिल रही है, वहां कैंप लगाया जा रहा है। पीड़ितों को दवाएं बांटी जा रही हैं।
- डॉ. दानवीर सिंह, सादाबाद सीएचसी प्रभारी
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जिला अस्पताल से लेकर ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं नदारद होने से अधिकांश मरीजों ने प्राइवेट अस्पतालों का रुख किया
है। जहां अस्सी फीसदी मरीज बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। मलेरिया और तेज बुखार के इन मरीजों को लेकर अब तक स्वास्थ्य महकमे ने दवा बांटने के अलावा और कोई कार्ययोजना नहीं बनाई है। अफसरों की उदासीनता से ग्रामीण क्षेत्र में वायरल फीवर और मलेरिया कहर बरपा रहा है। सादाबाद के गांव गढ़ उमराव, बघैना और टीकैत में तेजी से बुखार के फैलने का उदाहरण भी सामने आ चुके हैं। परिवार सहित लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं।
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इस कारण भी फैल रहा वायरल फीवर
बारिश के मौसम में बुखार की बीमारी तेजी से फैलती है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद गांव-गांव में निकासी नहीं होने के कारण कई जगह जलभराव हो गया है, जिससे आबादी के बीच भरे पानी में मच्छर पैदा हो गए हैं। यही नहीं, हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है। इस वजह से भी संक्रामक बीमारियों के फैलने में तेजी आ गई है।
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दो साल से नहीं हुआ डीडीटी का छिड़काव
दो साल से जिले में डीडीटी का ही छिड़काव नहीं हुआ। मलेरिया विभाग द्वारा कई बार शासन को डीडीटी की डिमांड भेजी गई है, लेकिन इसके वाबजूद अभी तक जिले में डीडीटी नहीं आ पाई है, जिससे विभाग अति संवेदनशील इलाकों में इस दवा का छिड़काव भी नहीं करा सका है।
कागजों पर चल रहे कंट्रोल रूम
अगर किसी भी गांव में संक्रामक रोग महामारी की तरह फैंलें तो इसके लिए विभाग ने सीएचसी स्तर पर कंट्रोल रूम भी बना रखे हैं, लेकिन यह कंट्रोल रूम कागजों पर ही चल रहे हैं। हकीकत में स्थिति यह है कि इन कंट्रोल रूम का नंबर तक लोगों को नहीं मालूम। तो ऐसे में कैसे इन कंट्रोल रूम तक रोग फैलने की सूचना पहुंचेगी और कैसे समय से बीमारियों पर कंट्रोल हो पाएगा।
निजी अस्पतालों में मरीजों की लूट
हाथरस। डॉक्टरों की कमी के चलते सरकारी अस्पतालों की स्थिति भी खराब हो चुकी है। जिला अस्पताल को ही देखें तो यहां एक चिकित्सक के कमरे के बाहर सुबह से दोपहर सैकड़ों मरीजों की भीड़ लगी रहती है। एक दिन में लगभग 800 से 900 मरीज यहां आते हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों का मोह भंग हो रहा है। तत्काल चिकित्सा सुविधा के नाम पर पीड़ित लोग प्राइवेट चिकित्सालयों में महंगी जांच और महंगे इलाज के नाम पर लुट रहे हैं।
- सादाबाद क्षेत्र में गांव-गांव से वायरल फीवर फैलने की सूचना आ रही है। जहां से भी सूचना मिल रही है, वहां कैंप लगाया जा रहा है। पीड़ितों को दवाएं बांटी जा रही हैं।
- डॉ. दानवीर सिंह, सादाबाद सीएचसी प्रभारी