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Hathras News: स्कूलों के खुलवाए ताले, अभिभावकों ने नहीं भेजे बच्चे, एसडीएम पर अभद्रता का आरोप

Mon, 12 Feb 2024 10:31 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 12 Feb 2024 10:31 PM IST
सार

बदहाल सड़क को लेकर हाथरस में सासनी के गांव बिलखौरा खुर्द व कलां में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन जारी है। अधिकारी ने पहुंच कर स्कूल के ताले खुलवा दिया, पर अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने अभद्रता करते हुए उन्हें धरने से हटाया है। एसडीएम ने गांव वालों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया है। ग्रामीणों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।

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Locks of schools opened, parents did not send children
धरना दे रहे ग्रामीणों को समझाते सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्रा एवं अन्य - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस में सासनी के गांव बिलखौरा खुर्द व कलां में सड़क की बदहाली के विरोध में ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन 12 फरवरी को आठवें दिन भी जारी रहा। सुबह एसडीएम सासनी ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को स्कूल के गेट के बाहर से हटा दिया। ग्रामीणों ने एसडीएम पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। हालांकि एसडीएम ने स्कूल के ताला खुलवा दिए, लेकिन ग्रामीणों ने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेजा। ग्रामीणों ने परिषदीय स्कूल के सामने ही धरना शुरू कर दिया है।

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दूसरी ओर, मुख्य विकास अधिकारी व अन्य अधिकारियों ने भी करीब चार घंटे तक ग्रामीणों को समझाया, लेकिन ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग पूरी न होने तक धरना खत्म न करने की जिद पर अड़े रहे। 12 फरवरी को एसडीएम सासनी रविंद्र कुमार गांव पहुंचे और ग्रामीणों से परिषदीय स्कूलों का ताला खोलने के लिए वार्ता। एसडीएम ने सख्त रवैया इस्तेमाल करते हुए परिषदीय गेट के बाहर चल रहे धरने को हटवाकर स्कूलों के ताले खुलवाए और स्कूलों का संचालन शुरू कराया। हालांकि ग्रामीणों ने स्कूल खुलने के बाद भी अपने बच्चों को पठन-पाठन के लिए नहीं भेजा। इस कारण स्कूलों में उपस्थिति शून्य बनी रही। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने अभद्रता करते हुए उन्हें धरने से हटाया है। एसडीएम ने गांव वालों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया है। ग्रामीणों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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ग्रामीण सड़क नहीं तो वोट नहीं, के नारे के साथ धरने पर जमे हैं। इसके बाद सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र, डीपीआरओ सुबोध जोशी, बीएसए उपेंद्र गुप्ता, बीडीओ सुरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने करीब चार घंटे तक ग्रामीणों को धरना समाप्त करने के लिए समझाया, लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने विधायक एवं सांसद के खिलाफ नारे लगाए। ग्रामीणों ने सीडीओ से एसडीएम की शिकायत की। इस दौरान डीपीआरओ अपनी गाड़ी में बैठकर चलने लगीं तो महिलाओं ने उनका रास्ता रोककर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बताया कि 15 से 20 साल हो गए हैं, लेकिन इस सड़क की आज तक किसी ने सुध नहीं ली। उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आए-दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

एसडीएम ने तीनों स्कूलों के ताले तो खुलवा दिए हैं, लेकिन हमसे अभद्रता की है। हमने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा है और धरना अभी जारी है। अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन बाद में कोई नहीं लौटता।-गिरीश कुमार निवासी बिलखौरा खुर्द।


एसडीएम ने हम लोगों से अभद्रता की है। एक अधिकारी द्वारा ग्रामीणों से अभद्रता करना अच्छा नहीं लगता। घर के बच्चों को तब तक स्कूल नहीं भेजेंगे, जब तक सड़क नहीं बन जाती। -पुनीत कुमार निवासी बिलखौरा कलां। 
मैने ग्रामीणों से स्कूल के गेट से हटने के लिए कहा था। मैने किसी से कोई अभद्रता नहीं की है। सिर्फ स्कूल के गेट को खुलवाया है। -रविंद्र कुमार, एसडीएम सासनी

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