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आईबी ने परखी विद्युतीकरण की हकीकत
ब्यूूूराे, अमर उजाला, सासनी
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:24 AM IST
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electrification
- फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण में सासनी क्षेत्र के गांव नगला फतेला का जिक्र आने के बाद बिजली महकमे में खलबली का दौर बुधवार को भी जारी रहा। मंगलवार को जिले से लेकर मंडल स्तर अधिकारियों के निरीक्षण के बाद बुधवार को यहां काम शुरू करा दिया गया।
केंद्र की इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम भी बुधवार को गांव पहुंची और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से हुए विद्युतीकरण के काम की सच्चाई परखी। 20 अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए गए। लाइनों और ट्रांसफॉर्मर्स को दुरुस्त करने का काम किया गया।
बता दें कि गांव में 22 लोगों ने नलकूप कनेक्शन ले रखे हैं। इसी नलकूप कनेक्शन की लाइन से बिजली कर्मचारियों ने मिलीभगत कर नाजायज रूप से कई ग्रामीणों के घरों के कनेक्शन भी कर दिए।
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बताते हैं कि ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव में करीब 121 घर 22 नलकूप कनेक्शनों से लगभग 25 साल से रोशन हो रहे थे, जबकि नियमानुसार नलकूप कनेक्शन से सप्लाई नहीं दी जा सकती। वहीं वर्ष 2015 में इस गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण कराया गया था, जिसके बाद गांव में लगभग 98 विद्युत पोलों पर लाइन डाली गई।
25 केवी के चार और 16 केवी का एक ट्रांसफॉर्मर लगवाया गया, लेकिन इस लाइन में एनओसी नहीं मिलने से आठ महीने बाद भी करंट नहीं दौड़ सका, लेकिन अफसरों ने गांव के विद्युतीकृत होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी।
रिपोर्ट के आधार पर ही पीएम ने लाल किले की प्राचीर से नगला फतेला में 70 साल में बिजली पहुंचने का जिक्र किया था। बुधवार को गांव में विद्युत अधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत किए गए कार्यों का जायजा लिया। जहां कमी मिली उस कमी को दूर कराया।
एसडीओ कायम सिंह ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन नलकूप लाइन से हो रहे थे, उनमें से 20 उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए गए। ढीली लाइनों को दुरुस्त किया गया।
वहीं जो उपभोक्ता नलकूप की लाइन से अपने घरों को रोशन कर रहे थे, उनके कनेक्शन भी अब नई एलटी लाइन से किए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया। एक-दो दिन में पूरे गांव को बिजली भी मिलने लगेगी।
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केंद्र की इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम भी बुधवार को गांव पहुंची और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से हुए विद्युतीकरण के काम की सच्चाई परखी। 20 अनमीटर्ड उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए गए। लाइनों और ट्रांसफॉर्मर्स को दुरुस्त करने का काम किया गया।
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बता दें कि गांव में 22 लोगों ने नलकूप कनेक्शन ले रखे हैं। इसी नलकूप कनेक्शन की लाइन से बिजली कर्मचारियों ने मिलीभगत कर नाजायज रूप से कई ग्रामीणों के घरों के कनेक्शन भी कर दिए।
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बताते हैं कि ढाई हजार की आबादी वाले इस गांव में करीब 121 घर 22 नलकूप कनेक्शनों से लगभग 25 साल से रोशन हो रहे थे, जबकि नियमानुसार नलकूप कनेक्शन से सप्लाई नहीं दी जा सकती। वहीं वर्ष 2015 में इस गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण कराया गया था, जिसके बाद गांव में लगभग 98 विद्युत पोलों पर लाइन डाली गई।
25 केवी के चार और 16 केवी का एक ट्रांसफॉर्मर लगवाया गया, लेकिन इस लाइन में एनओसी नहीं मिलने से आठ महीने बाद भी करंट नहीं दौड़ सका, लेकिन अफसरों ने गांव के विद्युतीकृत होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी।
रिपोर्ट के आधार पर ही पीएम ने लाल किले की प्राचीर से नगला फतेला में 70 साल में बिजली पहुंचने का जिक्र किया था। बुधवार को गांव में विद्युत अधिकारियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत किए गए कार्यों का जायजा लिया। जहां कमी मिली उस कमी को दूर कराया।
एसडीओ कायम सिंह ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन नलकूप लाइन से हो रहे थे, उनमें से 20 उपभोक्ताओं के यहां मीटर लगाए गए। ढीली लाइनों को दुरुस्त किया गया।
वहीं जो उपभोक्ता नलकूप की लाइन से अपने घरों को रोशन कर रहे थे, उनके कनेक्शन भी अब नई एलटी लाइन से किए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया। एक-दो दिन में पूरे गांव को बिजली भी मिलने लगेगी।