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Hathras: रजबहे की पटरी कटने से सैकड़ों बीघा फसल डूबी, नहीं रूका पानी, लेखपालों ने किया नुकसान का सर्वे
Mon, 11 Sep 2023 11:24 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 11 Sep 2023 11:24 PM IST
सार
रजबहे में अलीगढ़ गंग नहर से पानी छोड़ा जाता है। किसानों ने बताया कि रजबहे में कुछ दिन पहले अवर अभियंता मुकेश कुमार ने तीन जगह बांध लगवा दिए थे। इनके कारण रजबहे के पानी की निकासी बंद हो गई। पानी के दवाब से रजबहे की पटरी कट गई और आसपास के खेतों में जलभराव हो गया।
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गांव रुदायन में रजबहे की पटरी कटने से खेतों में भरा पानी
- फोटो : संवाद
विस्तार
हाथरस में सासनी क्षेत्र के गांव रुदायन और लहौर्रा के रजबहे की पटरी कटने से आसपास के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई। इस कारण फसल को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंचने की संभावना है। किसानों ने अपने स्तर से पानी की रोकथाम के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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एसडीएम लवगीत कौर ने क्षेत्रीय लेखपालों को मौके पर भेजा है। रुदायन में लेखपाल अमन कुमार ने जलभराव से हुए नुकसान की रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है, जबकि गांव लहौर्रा के लेखपाल हर्ष सेंगर ने भी नुकसान के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया है।
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इस रजबहे में अलीगढ़ गंग नहर से पानी छोड़ा जाता है। किसानों ने बताया कि रजबहे में कुछ दिन पहले अवर अभियंता मुकेश कुमार ने तीन जगह बांध लगवा दिए थे। इनके कारण रजबहे के पानी की निकासी बंद हो गई। पानी के दवाब से रजबहे की पटरी कट गई और आसपास के खेतों में जलभराव हो गया। यह रजबहा इगलास रोड पर खोदाई न होने के कारण बंद है।
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इसकी जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन गंग नहर के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीण नरोत्तम सिंह ने बताया कि पानी की रोकथाम करने के काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। आसपास खेतों में खड़ी धान, बाजरा एवं अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन अभी तक न तो पानी बंद किया गया है और न ही कोई भी अधिकारी मौके पर आया है। प्रशासन ने भी इसकी पुनरावृत्ति रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया है।