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प्रभारी प्रधानाध्यापक के निलंबन और तीन शिक्षिकाओं की वेतन वृद्धि रोकने की संस्तुति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:04 AM IST
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teacher shimla
खंड शिक्षाधिकारी सादाबाद जितेंद्र सिंह ने बीएसए द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में शुक्रवार को कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय सादाबाद का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय खंड शिक्षाधिकारी को स्कूल में काफी अनियमितताएं मिलीं। तीन सहायक अध्यापिकाओं की वेतन वृद्धि रोकने और इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के निलंबन की संस्तुति की है।
खंड शिक्षाधिकारी सादाबाद ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे जब वह विद्यालय पहुंचे तो शिकायत सही पाई गई। छात्राएं स्कूल परिसर में शोर मचा रही थीं। चार में से तीन शिक्षिकाएं मौजूद मिलीं, जो कि आराम से बैठी हुई थीं। एक शिक्षिका पूजा वर्मा विद्यालय में उपस्थित नहीं थीं। जब उपस्थिति पंजिका को चैक किया गया तो चारों शिक्षिकाओं के आने जाने के हस्ताक्षर हुए मिले।
पत्र-व्यवहार पंजिका केवल फरवरी 2018 से ही उपलब्ध मिली। इससे पूर्व की पत्र-व्यवहार पंजिका इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने उपलब्ध नहीं कराई। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि विद्यालय की स्थिति खराब है। बीएसए से जो शिकायत की गई है, वह सही है। स्कूल में मिली इस स्थिति के लिए इंचार्ज प्रधानाध्यापक कल्पना कुमारी के साथ-साथ सहायक अध्यापक आरती भोला, रेखा और पूजा वर्मा भी जिम्मेदार हैं। परंतु इंचार्ज प्रधानाध्यापक मुख्य रूप से दोषी हैं, क्योंकि विद्यालय संचालन का दायित्व उनका ही होता है। खंड शिक्षाधिकारी ने तीनों सहायक अध्यापकों द्वारा अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों को ठीक से निर्वहन न करने पर वेतन वृद्धि रोके जाने और इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की संस्तुति की है।
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खंड शिक्षाधिकारी सादाबाद ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11:30 बजे जब वह विद्यालय पहुंचे तो शिकायत सही पाई गई। छात्राएं स्कूल परिसर में शोर मचा रही थीं। चार में से तीन शिक्षिकाएं मौजूद मिलीं, जो कि आराम से बैठी हुई थीं। एक शिक्षिका पूजा वर्मा विद्यालय में उपस्थित नहीं थीं। जब उपस्थिति पंजिका को चैक किया गया तो चारों शिक्षिकाओं के आने जाने के हस्ताक्षर हुए मिले।
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पत्र-व्यवहार पंजिका केवल फरवरी 2018 से ही उपलब्ध मिली। इससे पूर्व की पत्र-व्यवहार पंजिका इंचार्ज प्रधानाध्यापक ने उपलब्ध नहीं कराई। इस स्थिति से स्पष्ट होता है कि विद्यालय की स्थिति खराब है। बीएसए से जो शिकायत की गई है, वह सही है। स्कूल में मिली इस स्थिति के लिए इंचार्ज प्रधानाध्यापक कल्पना कुमारी के साथ-साथ सहायक अध्यापक आरती भोला, रेखा और पूजा वर्मा भी जिम्मेदार हैं। परंतु इंचार्ज प्रधानाध्यापक मुख्य रूप से दोषी हैं, क्योंकि विद्यालय संचालन का दायित्व उनका ही होता है। खंड शिक्षाधिकारी ने तीनों सहायक अध्यापकों द्वारा अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों को ठीक से निर्वहन न करने पर वेतन वृद्धि रोके जाने और इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निलंबित करने की संस्तुति की है।
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