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हाथरस : आगरा में खोला जाना चाहिए यूपी बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय
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हाथरस : यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की आगरा में आवश्यकता को लेकर रामबाग इंटर कॉलेज में आयोजि
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
स्थानीय रामबाग इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय की आवश्यकता को लेकर परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने आगरा में परिषद का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग जोर-शोर से उठाई। अध्यक्षता प्रधानाचार्य मदनगोपाल रावत ने की। मुख्य वक्ता केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार थे और संचालन कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवप्रकाश ने किया।
डॉ. नरवार ने बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए पिछले 21 वर्षों से किए जा रहे संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पूर्व 30 सितंबर 1921 को माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी। इसका मुख्यालय इलाहाबाद में बनाया गया। बोर्ड की पहली परीक्षा वर्ष 1923 में हुई। परीक्षार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि के फलस्वरूप वर्ष 2021 की परीक्षा में करीब 56 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित होने जा रहे हैं। परीक्षार्थियों के बोझ के कारण बोर्ड का विक्रेंदीकरण कर क्रमश: मेरठ, बनारस, बरेली, इलाहाबाद (प्रयागराज) और गोरखपुर में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं। आगरा में यदि क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित हो जाए तो यह माध्यमिक शिक्षा परिषद के लिए गौरव की बात होगी।
डॉ. नरवार ने कहा कि आगरा में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए पांच मार्च 1999, 11 जून 2001 और 28 अगस्त 2017 को प्रस्ताव शासन को भेजे गए। आगरा में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, औरेया, कन्नौज, इटावा, झांसी, जालौन (उरई) और ललितपुर आदि 15 जिलों को सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। जनप्रतिनिधयों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, इसलिए अब आगरा में क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाना चाहिए।
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इस मौके पर बाचाराम त्यागी, प्रमोद कुमार, अनुज लूथरा, कृष्ण कुमार, रूपेंद्र कुमार शर्मा, योगेश बागड़ी, मूलचंद्र राघव, प्रमोद कुमार, नंदलाल वर्मा, श्यामहरि कौशिक, राजकुमार सिंह, ज्ञानप्रकाश शर्मा, पवनेंद्र यादव, शिवकुमार शर्मा, हेमलता शर्मा, कामना कुलश्रेष्ठ आदि ने विचार व्यक्त किए।
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स्थानीय रामबाग इंटर कॉलेज में माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय की आवश्यकता को लेकर परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने आगरा में परिषद का क्षेत्रीय कार्यालय खोलने की मांग जोर-शोर से उठाई। अध्यक्षता प्रधानाचार्य मदनगोपाल रावत ने की। मुख्य वक्ता केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार थे और संचालन कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवप्रकाश ने किया।
डॉ. नरवार ने बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए पिछले 21 वर्षों से किए जा रहे संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 100 वर्ष पूर्व 30 सितंबर 1921 को माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी। इसका मुख्यालय इलाहाबाद में बनाया गया। बोर्ड की पहली परीक्षा वर्ष 1923 में हुई। परीक्षार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि के फलस्वरूप वर्ष 2021 की परीक्षा में करीब 56 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित होने जा रहे हैं। परीक्षार्थियों के बोझ के कारण बोर्ड का विक्रेंदीकरण कर क्रमश: मेरठ, बनारस, बरेली, इलाहाबाद (प्रयागराज) और गोरखपुर में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए गए हैं। आगरा में यदि क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित हो जाए तो यह माध्यमिक शिक्षा परिषद के लिए गौरव की बात होगी।
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डॉ. नरवार ने कहा कि आगरा में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए पांच मार्च 1999, 11 जून 2001 और 28 अगस्त 2017 को प्रस्ताव शासन को भेजे गए। आगरा में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, औरेया, कन्नौज, इटावा, झांसी, जालौन (उरई) और ललितपुर आदि 15 जिलों को सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। जनप्रतिनिधयों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, इसलिए अब आगरा में क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाना चाहिए।
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इस मौके पर बाचाराम त्यागी, प्रमोद कुमार, अनुज लूथरा, कृष्ण कुमार, रूपेंद्र कुमार शर्मा, योगेश बागड़ी, मूलचंद्र राघव, प्रमोद कुमार, नंदलाल वर्मा, श्यामहरि कौशिक, राजकुमार सिंह, ज्ञानप्रकाश शर्मा, पवनेंद्र यादव, शिवकुमार शर्मा, हेमलता शर्मा, कामना कुलश्रेष्ठ आदि ने विचार व्यक्त किए।