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घोटाले में दो लिपिक सस्पेंड
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:24 PM IST
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yogi adityanath
- फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाथरस विद्युत वितरण खंड तृतीय के डार्कजोन क्षेत्र में फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले में सख्ती दिखाते हुए दोनों आरोपियों बाबुओं को जेल भेजने के निर्देश दे डाले। इसके बाद सीएम का सख्त रवैया देखते हुए मुख्य अभियंता बीएस गंगवार ने सादाबाद विद्युत वितरण खंड से अटैच दो लिपिकों को तत्काल सस्पेंड कर दिया। इस कार्रवाई से बिजली महकमे में हड़कंप मचा रहा। सीएम ने इस मामले में चल रही विजिलेंस जांच में तेजी लाए जाने और दोषियों को न बख्शे जाने के भी निर्देश अफसरों को दिए हैं।
‘अमर उजाला’ ने अपने सोमवार के अंक में सीएम के सामने उठ सकता है नलकूप कनेक्शन घोटाला शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में साफ आशंका जताई गई थी कि अगर यह मामला सीएम के सामने उठा तो इस मामले में निश्चित रूप से कार्रवाई हो सकती है। अमर उजाला की खबर सही साबित हुई। सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने इस मामले को अलीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में उठाया तो सीएम ने बिजली अफसरों से इस मामले में जवाब तलब कर लिया। चीफ इंजीनियर बीएस गंगवार ने इस पूरे घोटाले की जानकारी सीएम को दी। बाकायदा, सीएम को बताया गया कि इस मामले में किस किस बाबू व अधिकारी का हाथ रहा। इस मामले की पूरी रिपोर्ट एमडी आगरा को भी भेजी जा चुकी है।
इस मामले में विजिलेंस जांच भी शुरू हो चुकी है। चीफ इंजीनियर ने बताया कि घोटाले से संबंधित रिकॉर्ड हैंडओवर न कराने और घूस लेकर फर्जी नलकूप कनेक्शन देने पर सीएम ने सख्त एक्शन लेते हुए सादाबाद विद्युत वितरण खंड में अटैच चल रहे लिपिक राजीव शर्मा व रितुराज बंसल को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, यह दोनों लिपिक पहले विद्युत वितरण खंड तृतीय में तैनात थे, लेकिन जब फर्जी नलकूप घोटाला उजागर हुआ था तो इनको दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया गया था और बाद में बहाल कर सादाबाद विद्युत वितरण खंड चतुर्थ से अटैच कर दिया गया था।
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‘अमर उजाला’ ने अपने सोमवार के अंक में सीएम के सामने उठ सकता है नलकूप कनेक्शन घोटाला शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में साफ आशंका जताई गई थी कि अगर यह मामला सीएम के सामने उठा तो इस मामले में निश्चित रूप से कार्रवाई हो सकती है। अमर उजाला की खबर सही साबित हुई। सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने इस मामले को अलीगढ़ में हुई समीक्षा बैठक में उठाया तो सीएम ने बिजली अफसरों से इस मामले में जवाब तलब कर लिया। चीफ इंजीनियर बीएस गंगवार ने इस पूरे घोटाले की जानकारी सीएम को दी। बाकायदा, सीएम को बताया गया कि इस मामले में किस किस बाबू व अधिकारी का हाथ रहा। इस मामले की पूरी रिपोर्ट एमडी आगरा को भी भेजी जा चुकी है।
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इस मामले में विजिलेंस जांच भी शुरू हो चुकी है। चीफ इंजीनियर ने बताया कि घोटाले से संबंधित रिकॉर्ड हैंडओवर न कराने और घूस लेकर फर्जी नलकूप कनेक्शन देने पर सीएम ने सख्त एक्शन लेते हुए सादाबाद विद्युत वितरण खंड में अटैच चल रहे लिपिक राजीव शर्मा व रितुराज बंसल को सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, यह दोनों लिपिक पहले विद्युत वितरण खंड तृतीय में तैनात थे, लेकिन जब फर्जी नलकूप घोटाला उजागर हुआ था तो इनको दोषी पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया गया था और बाद में बहाल कर सादाबाद विद्युत वितरण खंड चतुर्थ से अटैच कर दिया गया था।
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