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हाथरस : कई बड़े नेताओं को जनता ने दिखाया आइना

Tue, 04 May 2021 12:19 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 04 May 2021 12:19 AM IST
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Hathras: The public showed the mirror to many big leaders
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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पंचायत चुनाव में मतदाताओं ने कई बड़े नेताओं को आइना दिखा दिया। जिले के जो कद्दावर नेता जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का दावा कर रहे थे और यह घोषणा कर रहे थे कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए ही चुनाव लड़ रहे हैं, वह जिला पंचायत सदस्य ही नहीं बन पाए। जनता ने इन्हें नकार दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष का पद इस बार भी अनारक्षित है। ऐसे में इस बार भी कई बड़े राजनेता या उनकी पत्नी यह कहकर चुनाव मैदान में उतरे कि वह अध्यक्ष पद के लिए ही चुनाव मैदान में हैं। सदस्य बनने के बाद इनकी आकांक्षा जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की ही थी, लेकिन यह राजनेता पहली सीढ़ी पर ही फिसल गए। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय वार्ड नंबर 16 से हार गए तो उनकी पत्नी सरोज उपाध्याय वार्ड नंबर 20 से हार गई।
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इसी तरह वार्ड नंबर 14 से मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु उपाध्याय हार गईं। यह माना जा रहा था कि यदि ऋतु जीतीं तो भाजपा उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का दावेदार बनाएगी, लेकिन ऋतु अपनी जेठानी सीमा के सामने नहीं टिक सकीं। इसी तरह बात यदि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवती यादव की करें तो ओमवती यादव दो वार्डों से चुनाव लड़ीं, लेकिन वह दोनो वार्ड संख्या तीन और वार्ड संख्या चार से चुनाव हार गई। वह सपा जिलाध्यक्ष जसवंत सिंह यादव की पत्नी हैं। ऐसे में जनता ने इन बड़े नेताओं को आइना दिखा दिया। कई और बड़े नेताओं को भी जनता के दरबार में मुंह की खानी पड़ी।
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इस बार यहां जाट मतदाता एकजुट हो गए। इसकी वजह यह भी है कि उनके भाई रामवीर उपाध्याय के सामने यहां जाट मतदाता एकजुट हो जाते हैं। बसपा की जगह मैं और मेरी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी थे। वहीं हमें प्रचार-प्रसार के लिए काफी कम समय भी मिला। लोगों को यह गफलत भी रही कि हम भाजपा से उम्मीदवार घोषित हो सकते हैं। हम जनता से समय रहते नहीं मिल पाए। जीत-हार राजनीति में लगी रहती है। हम और हमारा परिवार क्षेत्र में जनता की सेवा हमेशा करते रहेंगे।

-विनोद उपाध्याय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष
वार्ड नंबर तीन से हमें जीत की ज्यादा उम्मीद नहीं थी, लेकिन वार्ड नंबर चार से हम पूरी ताकत से लड़े। पार्टी के ही कुछ नेताओं ने हमें हराने का काम किया। यह नेता हमारे खिलाफ चुनाव लड़े। पार्टी का झंडे का भी इस्तेमाल करते रहे। जनता इसे लेकर भ्रम में रही। वैसे भी यदि जिले का परिणाम देखें तो जनता ने नये चेहरों और निर्दलीयों को ज्यादा संख्या में जिताया है।
-जसवंत सिंह यादव, एमएलसी व सपा जिलाध्यक्ष
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