{"_id":"61e5be2f89a77455a32d4aab","slug":"hathras-the-lock-was-hanging-in-the-chc-till-10-am-sasni-news-ali2833029119","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : सुबह 10 बजे तक सीएचसी में लटका था ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : सुबह 10 बजे तक सीएचसी में लटका था ताला
विज्ञापन
सुबह दस बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लटका ताला। संवाद
- फोटो : SASNI
संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोग दूर दराज भटकते रहते है। मजबूर होकर मरीज एवं तीमारदारों को झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। सोमवार को कस्बा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 बजे तक ताला लटक था। मरीज सीएचसी परिसर में भटक रहे थे।
कस्बा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवाओं का टोटा रहता है। चिकित्सकों की कमी से लोगों का इलाज नहीं हो पाता है। कभी भी निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुलता है। इससे भी बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का है। सोमवार को यही आलम कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र पर देखा गया।
जहां 10 बजे तक कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। 10 बजे के बाद ओपीडी में मात्र पर्चा बनाने वाला कर्मचारी आया और मरीजों के पर्चे बनाना शुरू कर दिया लेकिन चिकित्सक कोई मौजूद नहीं था। इस कारण मरीज पर्चा लेकर परिसर में इधर उधर भटकते रहे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि दस बजे तक अस्पताल नहीं खुला हो। मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोग दूर दराज भटकते रहते है। मजबूर होकर मरीज एवं तीमारदारों को झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। सोमवार को कस्बा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 10 बजे तक ताला लटक था। मरीज सीएचसी परिसर में भटक रहे थे।
कस्बा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवाओं का टोटा रहता है। चिकित्सकों की कमी से लोगों का इलाज नहीं हो पाता है। कभी भी निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुलता है। इससे भी बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों का है। सोमवार को यही आलम कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र पर देखा गया।
विज्ञापन
जहां 10 बजे तक कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। 10 बजे के बाद ओपीडी में मात्र पर्चा बनाने वाला कर्मचारी आया और मरीजों के पर्चे बनाना शुरू कर दिया लेकिन चिकित्सक कोई मौजूद नहीं था। इस कारण मरीज पर्चा लेकर परिसर में इधर उधर भटकते रहे। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता है कि दस बजे तक अस्पताल नहीं खुला हो। मामले की जांच की जाएगी।
विज्ञापन