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हाथरस : जो उद्योग धंधे लगवाएगा, वही हमारा वोट पाएगा
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सादाबाद गेट चूनावाला डंडा चौराहे पर एक चाय की दुकान पर चुनावी चर्चा करते लोग। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में सियासत तेज हो गई। लोग हर चौक-चौराहों, गली, नुक्कड़ों पर चुनावी चर्चाओं में मशगूल दिख जाएंगे। दुकानों पर भी लोग चाय की चुस्कियों के साथ स्थानीय समस्याओं और पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं।
शहर के सादाबाद गेट पर एक चाय की दुकान पर चर्चा कर रहे वीके गौतम का कहना है कि अपने ही शहर में पुराने उद्योग फिर से पुनर्जीवित हो जाएं तो युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। ऐसा विधायक इस बार चुना जाना चाहिए, जो इन उद्योगों की पुनर्स्थापना कराए।
कृष्ण बिहारी कहते हैं कि कोरोना काल में काफी उद्योग-धंधे सिमट गए हैं। बेरोजगारी भी बढ़ी है। इसलिए रोजगार की काफी आवश्यकता है। प्रशांत शर्मा का कहना है कि कभी शहर में दो दर्जन से अधिक मिलेें थीं, हजारों लोग वहां काम करते थे। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से शहर के काफी उद्योग बंद हो गए।
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जो इन्हें फिर से चालू कराएगा उसे ही वोट दिया जाएगा। गोविंद शर्मा कहते हैं कि विधायक ऐसा हो जो इन मिलों को व अन्य उद्योगों को बढ़ावा दें। अशोक कुमार का कहना था कि आम व्यक्ति की उन्नति के लिए रोजगार पर समुचित ध्यान देने की जरूरत है।
संजीव कहते हैं कि युवा को अपने ही शहर में जब रोजगार मिलेगा, तभी उसका परिवार खुशहाल होगा। लल्ला का कहना था कि उद्योग धंधे लगने से ही यहां तरक्की होगी। विजय ने कहा कि विधायक ऐसा हो जो बेरोजगारी को दूर करने के लिए संकल्पित हो। पिंटू ने कहा कि विधायक जनता के मध्य रहकर काम करने वाला होना चाहिए।
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विधानसभा चुनाव को लेकर जिले में सियासत तेज हो गई। लोग हर चौक-चौराहों, गली, नुक्कड़ों पर चुनावी चर्चाओं में मशगूल दिख जाएंगे। दुकानों पर भी लोग चाय की चुस्कियों के साथ स्थानीय समस्याओं और पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं।
शहर के सादाबाद गेट पर एक चाय की दुकान पर चर्चा कर रहे वीके गौतम का कहना है कि अपने ही शहर में पुराने उद्योग फिर से पुनर्जीवित हो जाएं तो युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। ऐसा विधायक इस बार चुना जाना चाहिए, जो इन उद्योगों की पुनर्स्थापना कराए।
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कृष्ण बिहारी कहते हैं कि कोरोना काल में काफी उद्योग-धंधे सिमट गए हैं। बेरोजगारी भी बढ़ी है। इसलिए रोजगार की काफी आवश्यकता है। प्रशांत शर्मा का कहना है कि कभी शहर में दो दर्जन से अधिक मिलेें थीं, हजारों लोग वहां काम करते थे। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से शहर के काफी उद्योग बंद हो गए।
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जो इन्हें फिर से चालू कराएगा उसे ही वोट दिया जाएगा। गोविंद शर्मा कहते हैं कि विधायक ऐसा हो जो इन मिलों को व अन्य उद्योगों को बढ़ावा दें। अशोक कुमार का कहना था कि आम व्यक्ति की उन्नति के लिए रोजगार पर समुचित ध्यान देने की जरूरत है।
संजीव कहते हैं कि युवा को अपने ही शहर में जब रोजगार मिलेगा, तभी उसका परिवार खुशहाल होगा। लल्ला का कहना था कि उद्योग धंधे लगने से ही यहां तरक्की होगी। विजय ने कहा कि विधायक ऐसा हो जो बेरोजगारी को दूर करने के लिए संकल्पित हो। पिंटू ने कहा कि विधायक जनता के मध्य रहकर काम करने वाला होना चाहिए।