{"_id":"60a69fde8ebc3ebb272b29f2","slug":"hathras-survey-of-children-in-the-families-of-those-who-died-of-corona-infection-hathras-news-ali2635447124","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परवारों में बच्चों का हुआ सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : कोरोना संक्रमण से मरने वालों के परवारों में बच्चों का हुआ सर्वे
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण के दौरान हुई मौतों के बाद परिवार में बच्चों की स्थिति की पड़ताल प्रोबेशन विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। इन परिवारों में बच्चों के रहन-सहन सहित उनकी आर्थिक स्थिति का पूरा सर्वे किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 25 लोगों की मौत हो चुकी है।
शासन स्तर से कोरोना संक्रमण से हुई मौतों के मामलों में परिवार की आर्थिक स्थिति और मृतक मुखिया की मौत के बाद परिवार में बच्चों की देखभाल, आर्थिक स्थिति और उनके रहन -सहन का सर्वे किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में यहां भी प्रशासन की ओर से यह सर्वे शुरू करा दिया गया है। प्रोबेशन विभाग की ओर से जिले में कोरोना से हुई मौतों को पूरा रिकॉर्ड एकत्रित कर लिया गया है।
इस रिकॉर्ड के अनुसार अब सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रोबेशन विभाग की ओर से सर्वे के लिए टीमें गठित की गई हैं। जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 25 मौतें हो चुकी हैं। इन सभी परिवारों में पहुंचकर यह टीमें इस बात का आकलन करेंगी कि इन परिवारों में कोई बच्चा अनाथ तो नहीं हुआ है। किसी परिवार में माता और पिता दोनों की मौत तो नहीं हुई है। अगर ऐसा पाया जाता है तो उन बच्चों के अभिभावक न होने की दशा में इन बच्चों को गोद दिलाने की विभागीय कार्रवाई भी पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी सुविधा
हाथरस। शासन स्तर से फोस्टर केयर योजना के तहत बच्चों की देखभाल के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। सर्वे में ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा, जो बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनको पालने के लिए उनके अभिभावकों यह धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रोबेशन विभाग की ओर से इन बच्चों के चिह्नांकन के लिए टीमें गठित कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। सर्वे में उन बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके माता-पिता की कोरोना संक्रमित होने से मौत हो चुकी है।
कोरोना संक्रमण से जिन परिवारों में मौतें हुई हैं, उनका सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे में उन बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है। वहीं इन परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी सर्वे किया जा रहा है।
-डीके सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के दौरान हुई मौतों के बाद परिवार में बच्चों की स्थिति की पड़ताल प्रोबेशन विभाग की ओर से शुरू कर दी गई है। इन परिवारों में बच्चों के रहन-सहन सहित उनकी आर्थिक स्थिति का पूरा सर्वे किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 25 लोगों की मौत हो चुकी है।
शासन स्तर से कोरोना संक्रमण से हुई मौतों के मामलों में परिवार की आर्थिक स्थिति और मृतक मुखिया की मौत के बाद परिवार में बच्चों की देखभाल, आर्थिक स्थिति और उनके रहन -सहन का सर्वे किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में यहां भी प्रशासन की ओर से यह सर्वे शुरू करा दिया गया है। प्रोबेशन विभाग की ओर से जिले में कोरोना से हुई मौतों को पूरा रिकॉर्ड एकत्रित कर लिया गया है।
विज्ञापन
इस रिकॉर्ड के अनुसार अब सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रोबेशन विभाग की ओर से सर्वे के लिए टीमें गठित की गई हैं। जिले में अब तक कोरोना संक्रमण से 25 मौतें हो चुकी हैं। इन सभी परिवारों में पहुंचकर यह टीमें इस बात का आकलन करेंगी कि इन परिवारों में कोई बच्चा अनाथ तो नहीं हुआ है। किसी परिवार में माता और पिता दोनों की मौत तो नहीं हुई है। अगर ऐसा पाया जाता है तो उन बच्चों के अभिभावक न होने की दशा में इन बच्चों को गोद दिलाने की विभागीय कार्रवाई भी पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी सुविधा
हाथरस। शासन स्तर से फोस्टर केयर योजना के तहत बच्चों की देखभाल के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। सर्वे में ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा, जो बच्चे अनाथ हो गए हैं। उनको पालने के लिए उनके अभिभावकों यह धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रोबेशन विभाग की ओर से इन बच्चों के चिह्नांकन के लिए टीमें गठित कर कार्यवाही शुरू कर दी गई है। सर्वे में उन बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके माता-पिता की कोरोना संक्रमित होने से मौत हो चुकी है।
कोरोना संक्रमण से जिन परिवारों में मौतें हुई हैं, उनका सर्वे शुरू किया गया है। सर्वे में उन बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है। वहीं इन परिवारों की आर्थिक स्थिति का भी सर्वे किया जा रहा है।
-डीके सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी