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हाथरस : आरजीएसए में लापरवाही पर डीपीआरओ को दी कठोर चेतावनी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत नवीन पंचायत भवन निर्माण एवं जन सेवा केंद्र स्थापना में लापरवाही बरतने के मामले शासन ने जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) सुबोध जोशी को कठोर चेतावनी जारी की है। विभागीय कार्यों में लापरवाही पर निदेशक पंचायतराज ने नाराजगी जताई है। निदेशक ने प्रथम किस्त की धनराशि का व्यय न होने के कारण दूसरी किस्त की धनराशि जारी करने पर भी रोक लगा दी है। इस मामले में शासन ने कार्य पूर्ण कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन स्तर से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत नवीन पंचायत भवन का निर्माण एवं जन सेवा केंद्र की स्थापना के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। निदेशक पंचायतराज ने पत्र में कहा है कि भारत सरकार के निर्देशानुसार योजना के अंतर्गत सिंगल नोडल अकाउंट की प्रक्रिया लागू होने के कारण जिले से विभिन्न मदों में नौ ग्राम पंचायतों की अवशेष धनराशि 10.85 लाख रुपये को राज्य स्तर के एसएनए खाते में हस्तांतरित किया गया है। जिले से वापस की गई धनराशि एवं पंचायत भवन/ सीएससी मद में लक्ष्य के सापेक्ष विगत तीन माह के अंदर तीन ग्राम पंचायतों के पीएफएमएस पर मैप खातों में जनपद (पेरेंट एकाउंट) और संबंधित ग्राम पंचायत (चाइल्ड एकाउंट) में धनराशि भेजी गई है।
उन्होंने कहा है कि विभागीय महत्वपूर्ण कार्य के लिए निर्गत लिमिट के सापेक्ष जिले से संबंधित ग्राम पंचायतों में व्यय की प्रगति शून्य पाई गई है, जोकि खेदजनक है। उन्होंने कहा है कि इससे यह स्पष्ट है कि डीपीआरओ द्वारा अपने पदीय दायित्वों व उच्चाधिकारियों के आदेशों का निर्वहन सुचारु रूप से नहीं किया जा रहा है।
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ग्राम पंचायत के कार्यों के अनुश्रवण में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। इस लापरवाही के चलते राज्य का पीएफएमएस पर व्यय मात्र 13.54 प्रतिशत प्रदर्शित हो रहा है। व्यय न होने के कारण भारत सरकार द्वारा द्वितीय किश्त की धनराशि जारी करने पर रोक लगाई जाती है। इसके लिए निदेशक पंचायतराज विभाग ने कठोर चेतावनी जारी की है। ग्राम पंचायतों द्वारा व्यय न किए जाने को लेकर आपेक्षित प्रगति न लाने की दशा में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत नवीन पंचायत भवन निर्माण एवं जन सेवा केंद्र स्थापना में लापरवाही बरतने के मामले शासन ने जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) सुबोध जोशी को कठोर चेतावनी जारी की है। विभागीय कार्यों में लापरवाही पर निदेशक पंचायतराज ने नाराजगी जताई है। निदेशक ने प्रथम किस्त की धनराशि का व्यय न होने के कारण दूसरी किस्त की धनराशि जारी करने पर भी रोक लगा दी है। इस मामले में शासन ने कार्य पूर्ण कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
शासन स्तर से राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत नवीन पंचायत भवन का निर्माण एवं जन सेवा केंद्र की स्थापना के कार्यों को प्राथमिकता में रखा गया है। निदेशक पंचायतराज ने पत्र में कहा है कि भारत सरकार के निर्देशानुसार योजना के अंतर्गत सिंगल नोडल अकाउंट की प्रक्रिया लागू होने के कारण जिले से विभिन्न मदों में नौ ग्राम पंचायतों की अवशेष धनराशि 10.85 लाख रुपये को राज्य स्तर के एसएनए खाते में हस्तांतरित किया गया है। जिले से वापस की गई धनराशि एवं पंचायत भवन/ सीएससी मद में लक्ष्य के सापेक्ष विगत तीन माह के अंदर तीन ग्राम पंचायतों के पीएफएमएस पर मैप खातों में जनपद (पेरेंट एकाउंट) और संबंधित ग्राम पंचायत (चाइल्ड एकाउंट) में धनराशि भेजी गई है।
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उन्होंने कहा है कि विभागीय महत्वपूर्ण कार्य के लिए निर्गत लिमिट के सापेक्ष जिले से संबंधित ग्राम पंचायतों में व्यय की प्रगति शून्य पाई गई है, जोकि खेदजनक है। उन्होंने कहा है कि इससे यह स्पष्ट है कि डीपीआरओ द्वारा अपने पदीय दायित्वों व उच्चाधिकारियों के आदेशों का निर्वहन सुचारु रूप से नहीं किया जा रहा है।
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ग्राम पंचायत के कार्यों के अनुश्रवण में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। इस लापरवाही के चलते राज्य का पीएफएमएस पर व्यय मात्र 13.54 प्रतिशत प्रदर्शित हो रहा है। व्यय न होने के कारण भारत सरकार द्वारा द्वितीय किश्त की धनराशि जारी करने पर रोक लगाई जाती है। इसके लिए निदेशक पंचायतराज विभाग ने कठोर चेतावनी जारी की है। ग्राम पंचायतों द्वारा व्यय न किए जाने को लेकर आपेक्षित प्रगति न लाने की दशा में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संवाद