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हाथरस : एड्स के मरीजों के साथ भेदभाव करने वालों को दी जाएगी कड़ी सजा

Wed, 01 Dec 2021 11:30 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:30 PM IST
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Hathras: Strict punishment will be given to those who discriminate against AIDS patients
हाथरस : विश्व एड्स दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करतीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव। सं - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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विश्व एड्स दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया और संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ। इसमें एड्स को लेकर अहम जानकारी दी गईं। यह भी बताया गया एड्स में इलाज से ज्यादा सुरक्षा आवश्यक है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने कहा कि एड्स के शिकार मरीज अब शान से अपनी जिंदगी जी सकेंगे और उनके साथ भेदभाव करने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलेगी। सजा के साथ-साथ ऐसे लोगों को अब जुर्माना भी देना पड़ेगा। एड्स के शिकार जो लोग खुद अपनी जिंदगी से हारे होते हैं, उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार की वजह से उनकी जिंदगी और भी तकलीफदेह हो जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 सितंबर से एचआईवी/एड्स (प्रिवेंशन एंड कंट्रोल) एक्ट 2017 को लागू किया है। जो ऐसे मरीजों के लिए बड़ी राहत है। इस अधिनियम के लागू हो जाने के बाद एचआईवी/एड्स पीड़ितों को संपत्ति में पूरा अधिकार और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पूरी मदद मिल सकेगी। अधिनियम में साफ किया गया है कि इस तरह के मरीजों से भेदभाव को अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।
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उन्होंने बताया कि एचआईवी/एड्स एक्ट 2017 के अनुसार किसी मरीज को उसकी सहमति के बिना एचआईवी टेस्ट या किसी मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। सीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी ने कहा कि एड्स में इलाज से ज्यादा सुरक्षा आवश्यक है। इसमें बीमार व्यक्ति से भेदभाव नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे आम व्यक्ति के तरह ही प्रेम से रखना चाहिए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल सागर ने बताया कि अधिकतर ये बीमारी 14 से 21 वर्ष की उम्र के ज्यादा व्यक्तियों में देखी गई है। एचआईवी और एड्स ब्लड से, सेविंग से और अन्य माध्यमों से होता है। किसी भी बीमारी के लिए इलाज से अधिक उसका बचाव आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी टीबी मरीजों का एचआईवी टेस्ट किया जाता है। इसका इलाज एवं जांच निशुल्क की जाती है। संचालन मनोज उपाध्याय ने किया। संवाद
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