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हाथरस: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की छंटनी रोकें
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. गिरीश ने सीएम को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी प्रवासियों के साथ स्थानीय बच्चों का कुपोषण मापने, टीकाकरण कराने तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य गतिविधियों को संचालित करा रही हैं।
गांवों में आंगनबाड़ी को छोड़कर अन्य कोई ऐसा सांस्थानिक केंद्र नहीं है, जो महिलाओं और बच्चों को कोई राहत पहुंचा सके। आंगनबाड़ी में 2012 से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में इनकी छंटनी करने से लगभग 35 फीसदी केंद्र खाली हो जाएंगे। इससे उपरोक्त कार्यों को निष्पादित करने का संकट पैदा हो जाएगा। उत्तर प्रदेश पहले ही कुपोषण और अब कोविड संक्रमण की मार झेल रहा है। ऐसे में इन्हें काम से हटाने पर प्रदेश में स्थानीय कार्यों का गंभीर संकट पैदा हो जायेगा।
अधिकांश कार्यकर्ता व सहायिकाएं विधवा, अकेले जीवन यापन करने वाली और गरीब महिलाएं हैं। उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। बिना कोई नोटिस दिए प्रदेश भर में अचानक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को सेवा से प्रथक करने के आदेश से उनमें अफरा तफरी फैल गई है। वे सड़कों पर आंदोलन कर रही हैं।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. गिरीश ने सीएम को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी प्रवासियों के साथ स्थानीय बच्चों का कुपोषण मापने, टीकाकरण कराने तथा स्वास्थ्य संबंधी अन्य गतिविधियों को संचालित करा रही हैं।
गांवों में आंगनबाड़ी को छोड़कर अन्य कोई ऐसा सांस्थानिक केंद्र नहीं है, जो महिलाओं और बच्चों को कोई राहत पहुंचा सके। आंगनबाड़ी में 2012 से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में इनकी छंटनी करने से लगभग 35 फीसदी केंद्र खाली हो जाएंगे। इससे उपरोक्त कार्यों को निष्पादित करने का संकट पैदा हो जाएगा। उत्तर प्रदेश पहले ही कुपोषण और अब कोविड संक्रमण की मार झेल रहा है। ऐसे में इन्हें काम से हटाने पर प्रदेश में स्थानीय कार्यों का गंभीर संकट पैदा हो जायेगा।
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अधिकांश कार्यकर्ता व सहायिकाएं विधवा, अकेले जीवन यापन करने वाली और गरीब महिलाएं हैं। उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। बिना कोई नोटिस दिए प्रदेश भर में अचानक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को सेवा से प्रथक करने के आदेश से उनमें अफरा तफरी फैल गई है। वे सड़कों पर आंदोलन कर रही हैं।
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