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हाथरस : राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का करें निस्तारण
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हाथरस : वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेते न्याययिक अधिकारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के कार्यपालक अध्यक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। इसमें 12 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर चर्चा की गई।
वीसी में जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट)/नोडल अधिकारी अनुराग पंवार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव कुमारी व विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने भी भाग लिया। कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर ने 12 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक संख्या में वादों को नियत करते हुए निस्तारण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में बड़ी संख्या में लघु आपराधिक मामले लंबित हैं।
उन्होंने सभी जनपद न्यायाधीशों से अपेक्षा की कि जिन लघु आपराधिक मामलों को अर्थदंड के आधार पर समाप्त किया जा सकता है, उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जारी नोटिसों की निगरानी करने व पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने के संबंध में निर्देश दिए। संवाद
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उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के कार्यपालक अध्यक्ष इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। इसमें 12 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर चर्चा की गई।
वीसी में जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट)/नोडल अधिकारी अनुराग पंवार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव कुमारी व विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने भी भाग लिया। कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रितिंकर दिवाकर ने 12 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में सभी न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक संख्या में वादों को नियत करते हुए निस्तारण करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में बड़ी संख्या में लघु आपराधिक मामले लंबित हैं।
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उन्होंने सभी जनपद न्यायाधीशों से अपेक्षा की कि जिन लघु आपराधिक मामलों को अर्थदंड के आधार पर समाप्त किया जा सकता है, उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जारी नोटिसों की निगरानी करने व पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभों की जानकारी देने के संबंध में निर्देश दिए। संवाद
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